HRTC / हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी, एचआरटीसी ने 35 स्थानों पर बनाए 50 चार्जिंग स्टेशन
HRTC : एचआरटीसी ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को विस्तार देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। निगम द्वारा 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की गई है, जिनकी आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से प्रदेश में शुरू हो चुकी है। इन बसों के सुचारू संचालन और चार्जिंग सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों में 35 स्थानों पर कुल 50 ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। निगम का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाना और इसके लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
शिमला
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी तेज
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) प्रदेश में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने की दिशा में कार्य कर रहा है। निगम द्वारा 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की गई है, जिनमें से कई बसें प्रदेश में पहुंचनी शुरू हो गई हैं। इन बसों को विभिन्न अंतरजिला और स्थानीय रूटों पर चरणबद्ध तरीके से संचालित करने की योजना है। निगम का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ईंधन लागत में कमी आएगी और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही बसों के संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग और तकनीकी ढांचे को भी विकसित किया जा रहा है।
35 स्थानों पर स्थापित किए गए 50 चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 35 विभिन्न स्थानों पर कुल 50 ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इनमें बस स्टैंड और एचआरटीसी वर्कशॉप परिसरों को प्राथमिकता दी गई है ताकि बसों की चार्जिंग और रखरखाव की प्रक्रिया एक ही स्थान पर संचालित की जा सके। निगम के अनुसार चार्जिंग नेटवर्क तैयार होने से इलेक्ट्रिक बसों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और लंबी दूरी के रूटों पर भी इनके संचालन को सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
इन प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध होगी चार्जिंग सुविधा
चार्जिंग स्टेशन मंडी बस स्टैंड और वर्कशॉप, सुंदरनगर बस स्टैंड एवं वर्कशॉप, कुल्लू वर्कशॉप, मनाली वोल्वो बस स्टैंड, देहरा वर्कशॉप, हरिपुर बस स्टैंड, चिंतपूर्णी, नालागढ़, हमीरपुर बस स्टैंड एवं वर्कशॉप, जाहू, ऊना बस स्टैंड एवं वर्कशॉप, हरोली, अंब, बिलासपुर वर्कशॉप, घुमारवीं, तारादेवी, अर्की, सोलन बस स्टैंड एवं वर्कशॉप, ढली, सुन्नी, नाहन बस स्टैंड एवं वर्कशॉप, पांवटा साहिब, पालमपुर, जसूर, नगरोटा बगवां, धर्मशाला तथा ठियोग सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख परिवहन मार्गों को चार्जिंग नेटवर्क से जोड़ा गया है।
पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। एचआरटीसी का उद्देश्य पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता को कम करते हुए ऊर्जा दक्ष परिवहन प्रणाली विकसित करना है। इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से परिचालन लागत में कमी आने के साथ-साथ उत्सर्जन में भी कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार और निगम दोनों स्तरों पर सार्वजनिक परिवहन को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा संचालन
एचआरटीसी के अनुसार नई इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध तरीके से विभिन्न डिपो और रूटों पर तैनात किया जाएगा। इसके लिए चालकों और तकनीकी कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना, तकनीकी परीक्षण और परिचालन तैयारियों के पूरा होने के बाद बसों को नियमित सेवाओं में शामिल किया जाएगा। निगम का लक्ष्य है कि इलेक्ट्रिक बसों के लिए तैयार किए गए चार्जिंग नेटवर्क का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इन सेवाओं का विस्तार किया जाए।