Weather / 18 जून को कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, 23 जून तक मौसम रहेगा सक्रिय
Weather : मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 जून को हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। विभाग ने कुछ क्षेत्रों के लिए येलो तथा ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों और किसानों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
शिमला
18 जून को बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान
हिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों के दौरान मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 18 जून को कई जिलों में वर्षा गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विभाग ने राज्य के विभिन्न भागों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जबकि शिमला, कुल्लू, मंडी, किन्नौर और चंबा जिलों के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश भी दर्ज की जा सकती है। विभागीय पूर्वानुमान के अनुसार यह मौसम प्रणाली 23 जून तक प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकती है, जिससे पर्वतीय और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
कई जिलों के लिए जारी किया गया अलर्ट
मौसम विभाग ने 18 जून के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा गतिविधियों को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज हवाएं चल सकती हैं तथा गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की जा सकती है। विशेष रूप से सेब, स्टोन फ्रूट और अन्य बागवानी फसलों वाले क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। कृषि एवं बागवानी से जुड़े लोगों को मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने तथा फसलों और बागानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
24 घंटों में कई स्थानों पर दर्ज हुई वर्षा
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गोहर में सबसे अधिक 46.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जोत में 41.0 मिलीमीटर, कुफरी में 39.0 मिलीमीटर, नगरोटा सूरियां में 35.6 मिलीमीटर, मुरारी देवी में 31.5 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 17.9 मिलीमीटर तथा शिमला में 12.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त शिमला, किन्नौर, रामपुर, चौपाल और मंडी के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी सूचना प्राप्त हुई है। विभाग का कहना है कि वर्षा और ओलावृष्टि के कारण कुछ क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा।
मंगलवार को अधिकांश क्षेत्रों में मौसम रहा साफ
मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम सामान्य बना रहा। सुबह से दोपहर तक अधिकांश जिलों में धूप खिली रही, जिससे मैदानी और निचले क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया गया। हालांकि दोपहर बाद कई पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाने लगे और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा तथा तेज हवाएं भी रिकॉर्ड की गईं। मौसम विभाग के अनुसार दिन के तापमान में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं देखा गया, लेकिन मैदानी क्षेत्रों में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रही, जिससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा।
23 जून तक सक्रिय रह सकती हैं मौसम गतिविधियां
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 19 जून को भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर वर्षा की संभावना बनी हुई है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि 20 से 23 जून के बीच भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर वर्षा गतिविधियां जारी रह सकती हैं। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। साथ ही किसानों, बागवानों और यात्रियों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान और परामर्श का नियमित रूप से पालन करने की सलाह दी गई है।