Weather / कांगड़ा में 20 जुलाई को ऑरेंज और 21-22 जुलाई को रेड अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
Weather : कांगड़ा जिला में मौसम विभाग द्वारा 20 जुलाई के लिए ऑरेंज तथा 21 और 22 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की है। उपायुक्त ने सभी विभागों को सतर्क रहने, कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखने तथा लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों एवं जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
कांगड़ा
भारी बारिश के पूर्वानुमान को लेकर प्रशासन ने की समीक्षा बैठक
मौसम विभाग द्वारा कांगड़ा जिला के लिए आगामी तीन दिनों तक भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किए जाने के बाद रविवार को उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), होमगार्ड, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। उपायुक्त ने बताया कि 20 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा 21 और 22 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके मद्देनजर सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे जिला और उपमंडल स्तर के कंट्रोल रूम
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला और सभी उपमंडल स्तर पर स्थापित आपदा नियंत्रण कक्ष (Control Rooms) चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध मशीनरी, उपकरण, राहत सामग्री और आवश्यक मैनपावर तैयार रखने को कहा। साथ ही सभी फील्ड अधिकारियों, जिनमें पटवारी, पंचायत सचिव और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं, को जिला मुख्यालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और क्षेत्र की स्थिति की नियमित जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए।
नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिला वासियों और पर्यटकों से अपील की कि मौसम विभाग की चेतावनी अवधि के दौरान नदी-नालों, खड्डों, पुलों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारी वर्षा के दौरान हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस बार सभी संबंधित विभागों को पहले से ही सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाना और जनसुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सड़क, स्वास्थ्य और आवश्यक सेवाओं पर विशेष निगरानी के निर्देश
बैठक में सभी एसडीएम, एनएचएआई तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूस्खलन संभावित मार्गों और जोखिम वाले पुलों पर वाहनों की आवाजाही की लगातार निगरानी रखी जाए। जहां संभव हो वहां वैकल्पिक मार्गों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा जिन स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं हैं, वहां विभागीय कर्मचारियों और मशीनरी की तैनाती की जाए। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए कि अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों और खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि संपर्क कटने की स्थिति में भी आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
पौंग डैम और आपदा प्रबंधन को लेकर भी दिए गए निर्देश
उपायुक्त ने पौंग डैम प्रबंधन को निर्देश दिए कि यदि डैम से पानी छोड़ा जाना हो तो निचले क्षेत्रों में समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बाढ़ संभावित पंचायतों में हूटर प्रणाली, डेंजर जोन की मार्किंग तथा अन्य चेतावनी व्यवस्थाओं को पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग तत्काल जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं। बैठक में एसपी धर्मशाला, एसपी नूरपुर, अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य अभियंता जल शक्ति, लोक निर्माण, विद्युत विभाग, होमगार्ड, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।