महिलाओं को ब्यूटी पार्लर और बुटीक सहित स्वरोजगार इकाइयों के लिए मिलेगा 3 लाख रुपये तक ऋण
प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना शुरू करने जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को विभिन्न व्यवसाय शुरू करने के लिए तीन लाख रुपये तक ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
शिमला
ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
राज्य सरकार ने बजट घोषणा के अनुरूप मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना आरंभ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और उनकी आर्थिक भागीदारी को बढ़ाना है। सरकार के अनुसार इस योजना के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी और संबद्ध गतिविधियों के साथ-साथ अन्य छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि महिलाएं अपने स्तर पर आय के साधन विकसित कर सकें।
ब्यूटी पार्लर, बुटीक और डेयरी सहित कई गतिविधियां शामिल
योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के माध्यम से अनुसूचित बैंकों द्वारा पात्र महिलाओं को तीन लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। इस ऋण का उपयोग डेयरी, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, बुटीक, ब्यूटी पार्लर और अन्य स्वरोजगार इकाइयों की स्थापना के लिए किया जा सकेगा। सरकार ने कहा है कि ऋण पर देय ब्याज का 4 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे महिलाओं पर आर्थिक बोझ कम होगा।
एक लाख रुपये तक आय वाले परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों की उन महिलाओं को दिया जाएगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके लिए महिला विकास निगम के माध्यम से आवेदन और ऋण प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और बदलती सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक रूप से मजबूत होने से परिवार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ मिलेगा।
ग्रामीण आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती और डेयरी क्षेत्र को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं, मक्की, कच्ची हल्दी, पांगी क्षेत्र के जौ और अदरक के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त दूध के खरीद मूल्य में भी वृद्धि की गई है।
