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Yoga Day / योग की वैश्विक पहचान पर बोले सुरेश कश्यप, भारत की भूमिका का किया उल्लेख

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 6 Hours Ago • 1 Min Read

Yoga Day : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसके वैश्विक विस्तार पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि योग दिवस का आयोजन आज विश्व के अनेक देशों में किया जा रहा है और इससे भारत की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिली है।

नाहन

योग दिवस पर दी शुभकामनाएं

शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशवासियों, प्रदेशवासियों और सिरमौर जिला के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण अंग है, जिसकी जड़ें हजारों वर्षों पुरानी भारतीय परंपराओं से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और अनुशासित जीवनशैली को प्रोत्साहित करने का माध्यम है। उनके अनुसार वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने नागरिकों से नियमित योगाभ्यास को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग स्वस्थ समाज के निर्माण में भी सकारात्मक भूमिका निभा सकता है।

योग दिवस के वैश्विक विस्तार का किया उल्लेख

सुरेश कश्यप ने कहा कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र में किसी प्रस्ताव को मिले व्यापक समर्थन वाले प्रस्तावों में शामिल रहा है। उनके अनुसार वर्तमान में 21 जून को दुनिया के 180 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक केंद्रों में योग सत्र आयोजित किए जाते हैं, जो इसकी बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और जीवनशैली के संतुलन से जुड़ा विषय है, जिसे विभिन्न देशों में स्वास्थ्य और कल्याण से जोड़कर अपनाया जा रहा है।

भारत की वैश्विक भूमिका पर रखे विचार

सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा कि बीते वर्षों में भारत की वैश्विक भागीदारी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ी है। उन्होंने जी-20 सम्मेलन की मेजबानी, कोविड काल के दौरान 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने और अंतरिक्ष क्षेत्र में चंद्रयान-3 मिशन जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उनके अनुसार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन किए जा रहे हैं, जिससे भारत की डिजिटल क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति भी विभिन्न देशों में रुचि बढ़ी है।

योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान

सुरेश कश्यप ने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में अनुशासन, एकाग्रता और स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक आदतों को विकसित कर सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों में भी नियमित शारीरिक गतिविधियों और योग को बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन से जोड़ा गया है। उनके अनुसार योग सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी है और इसे दैनिक जीवन में आसानी से शामिल किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से योग को नियमित रूप से अपनाने और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में योगदान देने की अपील की।

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