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हिमाचल प्रदेश बोर्ड परीक्षा : शीतकालीन स्कूलों में पुराने पैटर्न पर ही होगा प्रश्नपत्र

NEHA 20 Sep 2024 Edited 20 Sep 1 min read

HNN/कांगड़ा

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शीतकालीन स्कूलों में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं में पुराने पैटर्न पर ही प्रश्नपत्र रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षाओं पर लागू होगा। शीतकालीन स्कूलों में परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर में आयोजित की जाती हैं और अब इनमें कम समय बचा है, इसलिए नए प्रारूप में प्रश्नपत्र तैयार नहीं किए जा सके हैं।

शिक्षा बोर्ड मार्च, 2025 से बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करने जा रहा है। नए पैटर्न में 35 फीसदी आसान, 30 फीसदी नपे-तुले और 25 फीसदी कठिन प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अलावा, अलग-अलग सेक्शन में पूछे जाने वाले एमसीक्यू प्रश्नों को सेक्शन-ए में रखा जाएगा, जो कुल 20 फीसदी तक होंगे। ओएमआर सीट भी दी जाएगी ताकि छात्र एमसीक्यू प्रश्नों को आसानी से हल कर सकें।

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बोर्ड के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। शीतकालीन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नए पैटर्न को लागू किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले में सबसे अधिक 21 शीतकालीन स्कूल हैं, इसके अलावा अन्य जिलों में भी कई स्कूल शीतकालीन श्रेणी में आते हैं।