अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस : किन्नौर में समान अवसर और सशक्तिकरण का उत्सव
किन्नौर में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर विशेष सम्मान समारोह आयोजित
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के उपलक्ष्य में किन्नौर के रिकांग पिओ स्थित बचत भवन में विशेष रूप से सक्षम लोगों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी निचार नारायण सिंह चौहान ने की।
दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर और जागरूकता पर जोर :
मुख्य अतिथि नारायण सिंह चौहान ने कहा कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उनके लिए समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि 1992 से हर साल 3 दिसंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “समावेशी और टिकाऊ भविष्य के लिए विकलांग व्यक्तियों के नेतृत्व को बढ़ावा देना” है।
दिव्यांगजनों का उत्कृष्ट प्रदर्शन :
कार्यक्रम में विशेष रूप से सक्षम लोगों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित दर्शक प्रेरित हुए।
स्वास्थ्य जांच शिविर और जागरूकता :
इस अवसर पर क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ और जिला आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिला कल्याण अधिकारी बलबीर ठाकुर ने सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सभी दिव्यांगजनों से यूडीआई कार्ड बनाने और सुगम्य भारत ऐप व मानस पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह किया।
कानूनी जागरूकता :
पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश ने अट्रोसिटी एक्ट की जानकारी दी, वहीं तहसील कल्याण अधिकारी मनोज नेगी ने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम, 1989 के बारे में जागरूक किया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति :
इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. इंदु शर्मा, तहसील कल्याण अधिकारी मनोज नेगी, पंचायत प्रतिनिधि, दिव्यांग कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष राजेंद्र नेगी और सचिव सीता राम सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दिव्यांगजनों को बेहतर अवसर प्रदान करने का प्रयास :
समारोह ने दिव्यांगजनों के अधिकारों और कल्याण की दिशा में समाज को जागरूक और प्रेरित करने का कार्य किया।