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अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार मामलों के त्वरित हों निपटारे

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 31 Dec 2024 • 1 Min Read

लंबित 70 मामलों की समीक्षा , न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने आज अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में अभियोजन विभाग और पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए कि अधिनियम के तहत लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जाए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत प्रदान की जा सके।

लंबित मामलों की स्थिति

बैठक के दौरान अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत विचाराधीन मामलों की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि वर्तमान में 70 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। इनमें से 61 मामले सत्र न्यायालय कुल्लू में, 9 मामले सत्र न्यायालय रामपुर में, और 4 मामले विशेष पोक्सो न्यायालय में लंबित हैं।

समिति के उद्देश्य और कार्यवाही

बैठक का संचालन जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा ने किया। उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि इन मामलों की सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो। इसके साथ ही पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए।

अधिकारियों की भागीदारी

बैठक में एएसपी संजीव चौहान, जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने भी लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए अपने सुझाव दिए।

इस पहल का उद्देश्य अनुसूचित जाति और जनजाति के पीड़ितों को न्याय दिलाना और यह सुनिश्चित करना है कि उनके अधिकारों का उल्लंघन न हो। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने पर बल दिया।