NDPS / शिमला पुलिस की कार्रवाई में पंजाब से आरोपी गिरफ्तार, 316 ग्राम चिट्टा और नकदी बरामद
NDPS : शिमला पुलिस ने नशीले पदार्थ से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पंजाब के खरड़ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर की गई। मामले में अब तक कुल 316 ग्राम चिट्टा और 84,900 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अंतर्राज्यीय स्तर पर जुड़े कुछ संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी पड़ताल जारी है।
शिमला
10 जून को दर्ज हुआ था मामला
पुलिस थाना सदर शिमला में 10 जून को नशीले पदार्थ से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने राहुल ठाकुर निवासी धर्मपुर, जिला मंडी को 7 ग्राम चिट्टा और 23 हजार रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और मामले से जुड़े संपर्कों, लेन-देन तथा सप्लाई चैन की जानकारी जुटाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया। पुलिस के अनुसार शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं पाया गया, जिसके चलते तकनीकी और वित्तीय पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया।
तकनीकी जांच के आधार पर आगे बढ़ी कार्रवाई
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और व्हाट्सएप संचार से संबंधित रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर पुलिस को कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण इनपुट मिले। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि नशीले पदार्थ की आपूर्ति पंजाब के खरड़ निवासी हरप्रीत उर्फ हैरी द्वारा किए जाने के संकेत मिले हैं। उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजी तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई की योजना तैयार की।
खरड़ से आरोपी की गिरफ्तारी
जांच के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब के खरड़ स्थित गोल्डन इस्टेट क्षेत्र में कार्रवाई की। तलाशी के दौरान आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी के कब्जे से 309 ग्राम चिट्टा और 61,900 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार बरामदगी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के साथ मामले में कुल बरामद चिट्टे की मात्रा 316 ग्राम और नकद बरामदगी 84,900 रुपये तक पहुंच गई है। पुलिस अब बरामद सामग्री और आरोपी के कथित संपर्कों की भी जांच कर रही है।
वित्तीय लेन-देन की भी जांच
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए संपर्क बनाए रखता था। जांच एजेंसियां बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लेन-देन के लिए किन खातों का उपयोग किया गया और क्या इस मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी रही है। संबंधित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना को समझा जा सके।
अन्य राज्यों तक पहुंची जांच
प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी अभिषेक ने बताया कि बैकवर्ड लिंकेज जांच के तहत अब तक 49 आरोपियों को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल तथा भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान विभिन्न राज्यों से जुड़े संपर्कों और सप्लाई चैन की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मामले से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों और नेटवर्क की जानकारी एकत्र कर रही है।
मामले की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि बरामद साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। फोरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण से प्राप्त रिपोर्टों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस के अनुसार मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के अनुरूप आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।