कांग्रेस पार्षदों की मौजूदगी में नगर परिषद अध्यक्ष के साथ पार्टी मुखिया भी रहे निशाने पर
पिछले 4 साल के कार्यकाल की विफलताओं को छिपाने के लिए हाल ही में नाहन नगर परिषद अध्यक्षा से समर्थन वापस लेने का ड्रामा भाजपा के पार्षदों ने ही रचा था। इसमें कांग्रेस पार्टी का कोई भी रोल नहीं था। ये खेल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के इशारों पर खेला गया, जो अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए किया गया। ये आरोप शनिवार को कांग्रेस समर्थित पार्षदों की मौजूदगी में नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेसी नेता एवं पूर्व ब्लाक अध्यक्ष नाहन ज्ञान चंद चौधरी ने लगाए।
आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 4 जनवरी को एसडीएम के समक्ष होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले ही भाजपा समर्थित दोनों पार्षदों ने पुनः अपना समर्थन नगर परिषद अध्यक्षा को दे दिया। बगैर फ्लोर टेस्ट करवाए समर्थन देना लोकतंत्र में इसे जनविरोधी कहा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 साल में भाजपा समर्थित नगर परिषद् ने अपनी सरकार के दौरान न शहर की सड़कों की दशा को सुधारा और न ही गलियों की सुध ली।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही जब विकास के कार्य शुरू हुए तो भाजपा के नेता आपसी खींचतान में नगर परिषद के कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं। ज्ञान चंद ने कहा कि कोई भी सरकार विकास करवाए, उसे सहर्ष स्वीकार करना चाहिए और अपना भरपूर सहयोग देना चाहिए। ताकि, जनहित के कार्यों को अंजाम दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि मौजूदा कांग्रेसी पार्षदों के अनुग्रह पर नाहन शहर के विकास में योगदान के लिए विधायक से डेढ़ करोड़ रुपए की राशि भी मंजूर करवाई। इसके बावजूद नगर परिषद की अध्यक्ष और भाजपा समर्थित पार्षद इस राशि को विकास कार्यों में खर्च कर पाने में भी नाकाम रहे हैं। इससे साफ है कि भाजपा जनविरोधी पार्टी है।
वहीं कांग्रेसी पार्षद राकेश गर्ग उर्फ पपली ने नगर परिषद अध्यक्षा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके पति की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष के पति का नगर परिषद के प्रत्येक मैटर में हस्तक्षेप है। वह अपनी पत्नी के पद के प्रभाव का इस्तेमाल अपने फायदों के लिए कर रहे हैं। इस मौके पर पार्षद योगेश गुप्ता, वीरेंद्र पासी, नरेंद्र तोमर, सत्याराम चौहान आदि मौजूद रहे।

