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अब कार्टन की जगह क्रेट में ख़रीदा जाएगा सेब, होगा ट्रायल

Ankita • 9 Jun 2023 • 1 Min Read

HNN/ शिमला

सरकार अब महंगे कार्टन से बढ़ती सेब की लागत से बागवानों को राहत दिलाने के लिए क्रेट में सेब बेचने की व्यवस्था लागु करने जा रही है। सबसे पहले यह व्यवस्था शिमला के पराला प्लांट में ट्रायल के तौर पर लागु की जाएगी। पराला प्लांट के 50 किलोमीटर के दायरे के बागवान क्रेटों में अपना सी ग्रेड सेब बेच सकेंगे।

अगले चरण में मंडियों में सभी तरह का सेब क्रेट में बेचने की व्यवस्था लागू होगी। पराला प्लांट के लिए क्रेट में सेब खरीद को निचले, मध्यम और ऊंचाई वाले सेब उत्पादक क्षेत्रों में एचपीएमसी के सेब खरीद केंद्र खोले जाएंगे। यहां बागवान क्रेटों में सेब बेच सकेंगे। साथ ही एचपीएमसी भी बागवानों को क्रेट उपलब्ध करवाएगा।

अगले चरण में मंडियों में क्रेट में सेब विपणन के लिए नए ग्रेडिंग पैकिंग सेंटर भी बनेंगे, ताकि मंडियों में क्रेट में पहुंचने वाला सेब बाहरी राज्यों को ट्रांसपोर्टेशन से पहले कार्टन में पैक हो सके। हिमाचल प्रदेश में अभी सिर्फ कुल्लू जिले में क्रेट में सेब बिकता है, लेकिन शिमला जिले में मुकाबले कुल्लू में सेब उत्पादन काफी कम है।

प्रयोग सफल रहा तो आने वाले सालों में मंडियों में सेब क्रेट में खरीदने की व्यवस्था लागू हो सकती है। कार्टन में सेब की पैकिंग का औसतन छह से आठ रुपए प्रति किलो खर्च आता है, जबकि क्रेट में सेब की पैकिंग करके मंडियों में बेचा जाए तो खर्चा तीन से चार रुपए प्रति किलो से कम आएगा।

बागवान अगर वन टाइम यूज क्रेट सेब के लिए प्रयोग करते हैं तो उनको बीस किलो का क्रेट अस्सी रुपए में बाजार में मिल जाएगा। विदेशों से भी सेब प्लास्टिक क्रेट में ही आयात होता है। क्रेट में सेब की गुणवत्ता बनी रहती है।