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अब चंद सेकंड में खुद जांच सकेंगे शराब असली है या नकली, बस करना होगा यह काम……

Ankita • 11 Jun 2023 • 1 Min Read

HNN/ शिमला

हिमाचल प्रदेश राज्य में अवैध शराब के धंधे और इससे उत्पन्न गंभीर समस्या को रोकने के लिए आबकारी व कराधान विभाग ने ग्राहकों के हाथ में ही असली और नकली शराब की जांच का जिम्मा सौंपने की तैयारी कर ली है। बता दें हिमाचल में जल्द ही रंग या स्वाद नहीं, क्यूआर कोड और होलोग्राम से असली और नकली शराब का पता लगेगा।

स्कैन करने पर पता चलेगा कि शराब कहां और किस तारीख को बनी है। अगस्त से हिमाचल में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर क्यूआर कोड से लिंक होलोग्राम लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। आबकारी विभाग ने नए होलोग्राम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रदेश में बेची जाने वाली एक-एक बोतल का हिसाब रखने के लिए सरकार ने ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम शुरू किया है। इसी कड़ी में अब होलोग्राम को क्यूआर कोड से लिंक करने की कवायद शुरू की गई है। होलोग्राम और क्यूआर कोड को मोबाइल फोन से स्कैन कर शराब की गुणवत्ता का पता लगाया जा सकेगा।

हिमाचल प्रदेश में शराब की शुद्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने अगस्त से नई व्यवस्था शुरू करने का निर्णय किया है। शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड विद होलोग्राम ट्रेक लगाकर उसे बेचने का फैसला किया है। इसके लिए होलोग्राम बनाने वाली कंपनियों का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन के माध्यम से आबकारी विभाग ने इस बाबत टेंडर आमंत्रित किए हैं। एक जुलाई को कंपनी का चयन करते ही होलोग्राम बनाने का काम सौंपा जाएगा। इसके तहत शराब के बॉटलिंग प्लांट से निकलने वाली हर बोतल पर सिक्योरिटी होलोग्राम, क्यूओर कोड और शराब के बॉक्स पर बार कोड होगा।

प्लांट से बार कोड को रीड करने के बाद शराब की पेटियों को बाहर भेजा जाएगा। गोदाम में पहुंचने के बाद शराब की पेटियों के बार कोड को दोबारा स्कैन किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि शराब को सही डिपो पर पहुंचाया गया है। इन्हीं पेटियों को जब रिटेल शॉप पर भिजवाया जाएगा तब भी बिल्डिंग के दौरान इनके बैच नंबर को अंकित किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि कौन सी शराब की पेटी या बोतल किस रिटेल स्टोर या दुकान पर गई है।