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आधुनिक तकनीकों से बढ़ेगी आय, फसल विविधीकरण अपनाएँ किसान : डॉ. प्रियंका ठाकुर

Shailesh Saini • 20 Feb 2026 • 1 Min Read

धौलाकुआं अनुसंधान केंद्र में सोलन जिला के किसानों का शैक्षणिक भ्रमण

हिमाचल नाऊ न्यूज़ धौलाकुआं (सिरमौर)

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से क्षेत्रीय बागवानी एवं अनुसंधान प्रशिक्षण केंद्र, धौलाकुआं में जिला सोलन के किसानों का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।

यह भ्रमण हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (द्वितीय चरण, जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी–आधिकारिक विकास सहायता) के अंतर्गत करवाया गया।

सह-निदेशक डॉ. प्रियंका ठाकुर ने किसानों को केंद्र में विकसित नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने डहलिया प्रवर्धन तकनीक, गुलदाउदी में ऑफ-सीजन उत्पादन, गेंदा एवं शीतकालीन वार्षिक पुष्पों में बीज उत्पादन, आम, अमरूद, स्ट्रॉबेरी, सिट्रस एवं ड्रैगन फ्रूट में अंतरवर्तीय खेती, प्राकृतिक खेती तथा पुष्प फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण, पुष्पोत्पादन और मूल्य संवर्धन गतिविधियाँ अपनाने से किसान कम भूमि पर अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने प्राकृतिक खेती, उच्च मूल्य वाली फसलों और बाजार उन्मुख उत्पादन को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए किसानों से नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।

किसानों ने ड्राई फ्लावर लैब का भ्रमण कर सजावटी पौधों से तैयार किए जाने वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। सहायक प्रोफेसर (फल विज्ञान) डॉ. शिल्पा ने फल नर्सरी एवं खैरी फार्म का दौरा करवाते हुए उपोष्णकटिबंधीय फलों की प्रवर्धन एवं उत्पादन तकनीकों के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान किसानों को नींबू, किन्नू, आम, लीची एवं ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती पद्धतियों से परिचित कराया गया।
आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. सिमरन कश्यप (यंग प्रोफेशनल-II) तथा राकेश चौधरी (टेक्निकल ग्रेड-1) भी उपस्थित रहे।

किसानों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए अनुसंधान केंद्र का आभार व्यक्त किया तथा सीखी गई तकनीकों को अपनाने की बात कही।