प्रवेश शुल्क व फास्टैग वसूली से पर्यटन, व्यापार और आम जनता पर बढ़ेगा बोझ
हिमाचल नाऊ न्यूज़शिमला
भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाने वाले नए प्रवेश शुल्क और फास्टैग आधारित वसूली तंत्र पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और आम जनता पर सीधा आर्थिक प्रहार बताया।उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के निजी वाहनों के प्रवेश शुल्क को 70 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये करना तथा छोटे मालवाहक वाहनों पर 170 रुपये तक शुल्क लगाना दर्शाता है कि सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
नंदा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अपने मालवाहक वाहनों को भी शुल्क दायरे में लाना स्थानीय व्यापार और परिवहन क्षेत्र के लिए घातक कदम है।
बड़े मालवाहक वाहनों, निर्माण मशीनरी, मिनी बसों और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर शुल्क वृद्धि से वस्तुओं की लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर महंगाई के रूप में आम नागरिक पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन आधारित प्रदेश में प्रवेश शुल्क बढ़ाना “अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने” जैसा है। सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल का नारा देती है, लेकिन नीतियाँ उद्योग, पर्यटन और परिवहन क्षेत्र को कमजोर करने वाली हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि 55 टोल बैरियरों से 185 करोड़ रुपये राजस्व लक्ष्य तय करना दर्शाता है कि सरकार का उद्देश्य सुविधा नहीं बल्कि अधिकतम वसूली है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन आगमन और रोजगार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों की आवाज उठाती रहेगी और जनविरोधी फैसलों का जवाब जनता समय आने पर अवश्य देगी।
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