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आपदा के बीच गढ़वाल के सांसद नदारद: कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला, ‘जनता को बंधुआ मजदूर न समझें’-धस्माना

Shailesh Saini 22 Jul 2025 Edited 22 Jul 1 min read

हिमाचल नाऊ न्यूज़ देहरादून:

उत्तराखंड में चल रही भयावह आपदा के बीच गढ़वाल के दोनों लोकसभा सांसदों की गैरहाजिरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने आज देहरादून में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि, जब पूरा गढ़वाल भूस्खलन, सड़क अवरोधों और दुर्घटनाओं से जूझ रहा है, तब चुने हुए दोनों सांसद – अनिल बलूनी (गढ़वाल) और महारानी विजय लक्ष्मी शाह (टिहरी) – परिदृश्य से पूरी तरह गायब हैं, और जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

धस्माना ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी पर्वतीय जिलों में, खासकर ऋषिकेश से गुप्तकाशी और ऋषिकेश से बद्रीनाथ तक राष्ट्रीय राजमार्ग सैकड़ों स्थानों पर भूस्खलन के कारण बाधित हैं।

यमुनोत्री और गंगोत्री धाम को जाने वाले मार्ग भी कमोबेश इसी स्थिति में हैं। इसके बावजूद, गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी आखिरी बार जून के पहले सप्ताह में दिखे थे, जबकि टिहरी की सांसद महारानी विजय लक्ष्मी शाह चुनाव के बाद से यदा-कदा ही नजर आई हैं।

कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि 10 जून से अब तक पूरे गढ़वाल में हजारों संपर्क मार्ग ध्वस्त हो चुके हैं, राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें बह जाने और सड़क दुर्घटनाओं में अनगिनत लोगों की जान जाने की घटनाएं घटी हैं।

उन्होंने चार धाम यात्रा में हुई पाँच हेली दुर्घटनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें कई लोगों की जान गई, साथ ही बद्रीनाथ दर्शन करने आए यात्रियों के टेम्पो ट्रैवलर दुर्घटना में आठ से अधिक लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की दर्दनाक घटना का भी उल्लेख किया।

धस्माना ने आरोप लगाया कि इन सब के बावजूद, हमारे गढ़वाल के दोनों सांसद इन त्रासदियों से बेखबर केवल अखबारों को बयान जारी करने में व्यस्त रहे, लेकिन एक भी आपदा वाली जगह या मृतक परिवारों के बीच नहीं पहुंचे।

धस्माना ने कहा कि यह जनप्रतिनिधियों की जनता की समस्याओं के प्रति घोर असंवेदनशीलता को दर्शाता है।धस्माना ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता ने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा को जो पाँचों सीटें “उपहार” में दी हैं, यह उसी का नतीजा है कि यहाँ के सांसद उत्तराखंड की जनता को अपना और अपनी पार्टी का “बंधुआ मजदूर” समझने लगे हैं।

उनके दिलो-दिमाग में यह बात घर कर गई है कि उन्हें काम, सेवा और संघर्ष से नहीं, बल्कि “मोदी जी के नाम पर” वोट मिल रहा है, इसलिए वे जनता की कोई परवाह ही नहीं करते।सूर्यकांत धस्माना ने अंत में कहा कि सांसदों की इस “बेरुखी” के खिलाफ वे जनता को लगातार जागरूक करते रहेंगे।