आपात स्थितियों से निपटने के लिए ऊना में राज्य स्तरीय मैगा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
पांच संस्थानों में विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर किया गया अभ्यास, बचाव कार्यों की तैयारियों की गहराई से जांच
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से वीरवार को जिला ऊना में राज्य स्तरीय मैगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपात परिस्थितियों में जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और बचाव उपायों की वास्तविक परख करना रहा।
इन संस्थानों में किए गए अभ्यास
ऊना में यह मॉक ड्रिल पांच स्थानों पर आयोजित की गई —
- पेखूबेला स्थित इंडियन ऑयल टर्मिनल,
- आईटीआई ऊना,
- अम्ब में पिंडी दास आश्रम,
- गगरेट के एके पुरी पेट्रोल पंप,
- टाहलीवाल की नेस्ले इंडिया फैक्ट्री।
इन सभी स्थानों पर भूकंप, आग, तेल रिसाव, भूस्खलन जैसी आपदाओं का परिदृश्य तैयार कर बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग जिला मुख्यालय से सहायक आयुक्त वरिन्द्र शर्मा ने की।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और त्वरित कार्रवाई
आपदा की सूचना मिलते ही सायरन बजाकर अग्निशमन गाड़ियां रवाना की गईं। आईटीआई में इमारत गिरने, नेस्ले और ऑयल टर्मिनल में आग, अम्ब अस्पताल में भूस्खलन और पेट्रोल पंप पर अग्निकांड के परिदृश्य बनाए गए। प्रशासन ने इन घटनाओं को वास्तविक घटना की तरह हैंडल किया।
कुल 305 लोगों को अलग-अलग संस्थानों से रेस्क्यू किया गया, जिसमें इंडियन ऑयल से 90, नेस्ले से 100, आईटीआई से 60, अस्पताल से 35 और पेट्रोल पंप से 20 लोग शामिल रहे।
व्यावहारिक चुनौतियों की पहचान और सुधार के उपाय
मॉक ड्रिल के दौरान कमांड पोस्ट, रेस्क्यू ऑपरेशन, मेडिकल सहायता, राहत शिविर, लॉजिस्टिक सपोर्ट और राशन वितरण जैसी सभी व्यवस्थाओं की गहराई से जांच की गई। सहायक आयुक्त ने बताया कि इस ड्रिल से समन्वय में गैप, तकनीकी बाधाएं और फील्ड की व्यवहारिक समस्याएं सामने आईं, जिनका समाधान भविष्य में किया जाएगा।
राज्य मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस में लिया फीडबैक
ड्रिल के बाद शिमला से राज्य स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फीडबैक लिया गया। इसमें जिले द्वारा की गई तैयारियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने इसे आपदा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।