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सोलन में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान का दूसरा चरण शुरू, स्कूलों में चलेंगे विशेष कार्यक्रम

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

सोलन जिला प्रशासन ने युवाओं को नशे से दूर रखने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में छात्रों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों, स्वस्थ जीवनशैली के महत्व तथा सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी के प्रति जागरूक किया जाएगा।

सोलन

विद्यालय में अभियान के दूसरे चरण का शुभारम्भ

उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन युवाओं को नशे से दूर रखने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर समन्वित प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि छात्र समुदाय तक सही जानकारी पहुंचाना और उन्हें सकारात्मक जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना आवश्यक है।

युवाओं को जागरूक बनाने पर जोर

मनमोहन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ठाकुर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेशभर में नशा निरोधक जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देना, समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नशा मुक्त वातावरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक मंचों के माध्यम से भी संचालित किया जाएगा।

सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी का आह्वान

उपायुक्त ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने मित्रों तथा सहपाठियों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग की शारीरिक और मानसिक सेहत समाज और राष्ट्र के विकास से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने छात्रों को नियमित व्यायाम, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, पुस्तक अध्ययन तथा अन्य रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार सकारात्मक गतिविधियों में सहभागिता युवाओं को अनुशासित जीवनशैली अपनाने और स्वस्थ वातावरण में आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करती है।

विद्यालयों में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

मनमोहन शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा 1 जून 2026 से 20 अगस्त 2026 तक जिले के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय उच्च विद्यालयों तथा निजी शिक्षण संस्थानों में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान का दूसरा चरण संचालित किया जाएगा। इस अवधि के दौरान विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता सत्र, संवाद कार्यक्रम, समूह चर्चाएं तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों, सामाजिक प्रभावों तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों तक जागरूकता संदेश पहुंचाना है ताकि वे सूचित और जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम बन सकें।

अभिभावकों और शिक्षकों से सहयोग की अपील

उपायुक्त ने शिक्षकों और अभिभावकों से विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि परिवार और विद्यालय दोनों ही बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और सकारात्मक व्यवहार के प्रति मार्गदर्शन प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अभिभावक और शिक्षक विद्यार्थियों की गतिविधियों पर सतत ध्यान दें तथा उनके साथ खुला संवाद बनाए रखें तो जागरूकता प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश

मनमोहन शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को 20 अगस्त 2026 तक विद्यालयों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशा निरोधक संदेश, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि निर्धारित अवधि के दौरान अधिकतम शिक्षण संस्थानों को कवर किया जा सके।

कार्यक्रम में छात्रों को दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशाखोरी से जुड़े विभिन्न पहलुओं, उसके स्वास्थ्य, सामाजिक और शैक्षणिक प्रभावों तथा जागरूक नागरिक के रूप में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने और समाज में जागरूकता फैलाने के महत्व से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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