इज़राइल–ईरान युद्ध पर मोदी सरकार घिरी, खाड़ी में फंसे 50 हजार हिमाचलियों की सुरक्षा का सवाल

By Shailesh Saini Published: 3 Mar 2026, 10:12 PM | Updated: 3 Mar 2026, 10:12 PM 1 min read

प्रवासी भारतीयों की जान जोखिम में, विशेष बचाव अभियान शुरू करे केंद्र: विनय कुमार

हिमाचल नाऊ न्यूज शिमला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इज़राइल–ईरान युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों, विशेषकर खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की पहली और सबसे प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच केंद्र सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता बेहद चिंताजनक है।विनय कुमार ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिक देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं।

उनकी मेहनत से अरबों रुपये देश में आते हैं, लेकिन आज वही प्रवासी भारतीय युद्ध के खतरे के बीच असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत अपने सभी दूतावासों को हाई अलर्ट पर रखे और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि प्रत्येक भारतीय नागरिक को सुरक्षा, आश्रय, भोजन, चिकित्सा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार विदेश नीति पर बड़े दावे करती है, लेकिन जब भारतीयों की सुरक्षा का प्रश्न आता है तो तैयारी और ठोस कदम दिखाई नहीं देते। उन्होंने कहा कि यह समय बयानबाजी का नहीं, बल्कि त्वरित कार्रवाई का है।

उन्होंने विशेष रूप से चिंता जताई कि हिमाचल प्रदेश के 50 हजार से अधिक लोग युद्ध प्रभावित खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। उनके परिवारजन अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बचाव योजना सामने नहीं आई है।

विनय कुमार ने प्रधानमंत्री से मांग की कि भारत तुरंत विशेष विमानों और सुरक्षित कॉरिडोर के साथ बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान शुरू करे।उन्होंने कहा कि दूतावासों में युद्धकालीन बैकअप टीमें, 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन और राहत केंद्र स्थापित किए जाएं।

साथ ही हिमाचल समेत सभी राज्यों के नागरिकों का समुचित डेटा एकत्र कर उनके परिवारों को नियमित रूप से जानकारी दी जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

Tags: