Loading...

इस बार क्यूआर कोड स्कैन कर मतदान केंद्रों में जांचे गए दस्तावेज

PRIYANKA THAKUR • 13 Nov 2022 • 1 Min Read

HNN /शिमला

हिमाचल प्रदेश में इस बार मतदान को लेकर काफी सख्ती बरती हुई थी। पुलिस की टीमें जहां मौके पर अलर्ट थी, तो वहीं चुनाव अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी सतर्कता से मतदान करवा रहे थे। इस बार मतदान में पहली बार जहां बुजुर्गों ने घर से मतदान डाला, तो वही प्रदेश में पहली बार क्यूआर कोड स्कैन कर पहले केंद्रों में दस्तावेजों की जांच की गई।

चुनाव ड्यूटी पर तैनात चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों ने पहली बार क्यूआर कोड स्कैन कर जिला शिमला, मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला में मतदान कराने से पहले मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की। इन सभी शहरों में सभी वोटरों को क्यूआर कोड वाली वोटर स्लिप घर-घर जाकर जारी की थीं।

राज्य चुनाव विभाग के अधिकारियों के अनुसार शिमला शहर में 91, मंडी में 111, हमीरपुर 94 और धर्मशाला के 89 मतदान केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध की गई थी। मतदान केंद्र में जैसे ही वोटर स्लिप के क्यूआर कोड को स्कैन किया जा रहा था तो संबंधित वोटर का फोटोयुक्त वोटर कार्ड मोबाइल में सामने आ रहा था। इसके बाद वोटर को वोट डालने के लिए जरूरी दस्तावेज की जांच की जाती रही।

जैसे ही वोटर बटन दबा रहे थे तो वीवीपैट पर सात सेकेंड के लिए प्रत्याशी का चुनाव चिह्न डिस्प्ले हो रहा था, ताकि वोटर यह सुनिश्चित कर सके कि जिसे वोट डाला है, क्या वह वही प्रत्याशी है। इसके बाद वीवीपैट से निकली स्लिप मशीन के अंदर चली जाती है। इसके बाद यह जानकारी भी चुनाव आयोग के पास तुरंत मिल रही थी कि कितने वोट कब-कब कहां डाले गए।