HNN/ ऊना वीरेंद्र बन्याल
जिला ऊना के बसाल में 44.12 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले उत्कृष्ट डेयरी केन्द्र की निर्माण से सम्बंधित प्रक्रिया शुरू हो गई है। 9 जनवरी को उप निदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन ऊना कार्यालय में इण्डो डैनिश सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस डेयरी फार्म बसाल की स्थापना के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में डेनमार्क की बाईगरी और तकनीक फर्म से हैलज कोमन व पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. अविनाश शर्मा, उप निदेशक डाॅ. जय सिंह सेन, सहायक निदेशक डाॅ. मुकेश महाजन, सहायक निदेशक प्रसार डाॅ. उपिन्द्र, सहायक निदेशक परियोजना डाॅ. राजीव वालिया, डाॅ. विनोद शर्मा ने विभिन्न तकनीकी पहलुओ बारे गहन विचार विमर्श किया।
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पशुपालन विभाग के उप निदेशक डाॅ. जय सिंह सेन ने बताया कि यह सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ऊना जिला के गांव बसाल में डेनमार्क के सहयोग से बनाया जा रहा है, जिसके लिए भारत व डेनमार्क सरकार के मध्य एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ है। इस केन्द्र में रोबोट व स्वःचलित मशीनों व उपकरणों का इस्तेमाल होगा तथा यह उत्तर भारत में अपनी तरह का पहला केन्द्र होगा।
उन्होेंने बताया कि इस केन्द्र में किसानों को दुग्ध उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि डेनमार्क के सहयोग से बनाए जा रहे इस केन्द्र पर 44.12 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा 12.92 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
बसाल में 10 हेक्टेयर भूमि में बनाए जा रहे इस केन्द्र में प्रथम चरण में डेनमार्क द्वारा उन्नत किस्म की 200 गऊएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस इकाई के स्थापित होने से ऊना जिला सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में डेयरी आधुनीकीकरण व दुग्ध उपादन को बढावा मिलेगा जिसके परिणाम स्वरूप किसानों की आय में वृद्धि होगी।
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