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कुटलैहड़ के खुरवाई में भाजपा ने मनाई डॉ० भीम राव अंबेडकर जयंती पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने शिरकत करके अर्पित किए श्रद्धा सुमन

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर खुरवाई में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे और बाबा साहेब के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने अंबेडकर के विचारों को अपनाकर समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

ऊना

कुटलैहड़ विधानसभा भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने भारत रत्न एवं भारत के संविधान निर्माता डॉ० भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती के अवसर पर खुरवाई में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति तथा क्षेत्र वासी उपस्थित रहे और सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाया गया। भारतीय संविधान विश्व के सबसे प्रभावशाली और सशक्त संविधानों में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया और उनका योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व कांग्रेस संगठित यूपीए सरकार ने कई बार संविधान के मूल प्रावधानों के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि संविधान की मर्यादा बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है और यह तभी संभव है जब हम बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं। भाजपा नेता दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और आत्म सम्मान की मिसाल है। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया और उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत जिस लोकतांत्रिक व्यवस्था और समान अधिकारों का लाभ उठा रहा है, वह बाबा साहेब की दूरदर्शिता और कठोर परिश्रम का परिणाम है।उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के योगदान का स्मरण हमें उनके आदर्शों पर चलकर समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि भारत के इतिहास में डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का जीवन एक प्रेरणादायक गाथा के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के डॉ० अंबेडकर नगर (महू) में हुआ था। बचपन से ही उन्हें सामाजिक भेदभाव और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह था कि उन्होंने शिक्षा को अपने जीवन का सबसे बड़ा हथियार बनाया। कहा जाता है कि वे प्रतिदिन 16 से 18 घंटे तक अध्ययन करते थे। उनके पास हजारों पुस्तकों का विशाल संग्रह था और वे मानते थे कि ज्ञान ही समाज में परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के दौरान उन्हें कई बार भेद भाव का सामना करना पड़ा। स्कूल में उन्हें अन्य बच्चों से अलग बैठाया जाता था और पानी पीने तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था।

इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने का लक्ष्य नहीं छोड़ा। दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि बाबा साहेब आगे चलकर कोलंबिया विश्वविद्यालय ब लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की, जो उस समय किसी भी भारतीय के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। उन्होंने कहा कि डॉ० अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार माना जाता है। जब देश आजादी की ओर बढ़ रहा था, तब उन्हें संविधान सभा की प्रारूप समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने देश की विविधता और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा संविधान तैयार किया, जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार और न्याय की गारंटी दी गई।


बाबा साहेब के जीवन के खास रहस्य विचार, देश को दी अमूल्य विरासत

दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि डॉ० भीमराव रामजी अंबेडकर के जीवन में कई ऐसे पहलू थे, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाते हैं। उनका सबसे बड़ा रहस्य उनकी अद्भुत अध्ययन क्षमता और अनुशासन था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में 50 हजार से अधिक पुस्तकों का अध्ययन किया था। वे केवल एक राजनीतिज्ञ ही नहीं बल्कि एक महान अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और समाज सुधारक भी थे। दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज में समानता स्थापित करने के लिए अनेक आंदोलन चलाए। उन्होंने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज के वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनका प्रसिद्ध नारा “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। भाजपा नेता दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि उनके जीवन का एक और महत्वपूर्ण अध्याय 1956 में आया, जब उन्होंने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया। यह निर्णय उनके जीवन का ऐतिहासिक मोड़ माना जाता है। जिसने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक नई राह दिखाई।

डॉ. अंबेडकर ने महिलाओं के अधिकारों के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने और समाज में समान स्थान दिलाने के लिए कई कानूनों का समर्थन किया। उनकी दूरदर्शिता का परिणाम है कि आज देश में महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे।