ऊर्जा संकट के बीच रूस का बड़ा कदम, भारत के लिए समुद्र में तैनात किए 95 लाख बैरल तेल वाले टैंकर

By Shailesh Saini Published: 5 Mar 2026, 9:32 PM | Updated: 5 Mar 2026, 9:32 PM 0 min read

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में संभावित आपूर्ति संकट के बीच हिंद महासागर में तैयार रखा गया ‘फ्लोटिंग स्टॉक’, जरूरत पड़ते ही भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचेगा तेल

नई दिल्ली

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति पर मंडरा रहे संकट के बीच रूस ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा भरोसा दिया है। ताजा अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने करीब 95 लाख बैरल कच्चा तेल टैंकरों में लोड कर हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय तटों के नजदीक तैयार रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे तुरंत भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचाया जा सके।

बताया जा रहा है कि रूस ने करीब 12 से 20 टैंकरों में यह भारी मात्रा में कच्चा तेल लोड किया हुआ है। ये टैंकर हिंद महासागर क्षेत्र में ऐसे स्थानों पर मौजूद हैं जहां से आदेश मिलते ही कुछ ही दिनों या हफ्तों में भारतीय बंदरगाहों तक तेल पहुंचाया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम उस समय बेहद अहम माना जा रहा है जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए होने वाली वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने यह भरोसा भी दिया है कि यदि खाड़ी देशों से तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो वह अकेले भारत की कुल जरूरत का करीब 40 प्रतिशत तक हिस्सा पूरा करने की क्षमता रखता है।

दरअसल भारत अपनी कुल तेल जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है। वर्तमान में देश के पास रणनीतिक भंडार और रिफाइनरियों में मिलाकर करीब 95 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें लगभग 38 दिन का कच्चा तेल और बाकी पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं।

उधर भारतीय रिफाइनरियां भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जानकारी के अनुसार इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन सहित अन्य बड़ी रिफाइनरियां रूसी टैंकरों के संपर्क में हैं। हाल ही में रूस से तेल लेकर आए कुछ टैंकरों ने पारादीप और वाडिनार जैसे भारतीय बंदरगाहों पर अपनी खेप उतारी है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि समुद्र में तैयार रखा गया यह ‘फ्लोटिंग स्टॉक’ भारत के लिए एक रणनीतिक सुरक्षा कवच की तरह है। वैश्विक तनाव की स्थिति में भी इससे देश में ईंधन आपूर्ति और कीमतों पर स्थिरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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