एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक खाता, फर्जी ई-चालान स्कैम से रहें सावधान, जानें बचाव के तरीके
Himachalnow / शिमला
डिजिटल दौर में फर्जी ई-चालान के जरिए साइबर ठग लोगों के बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं। शिमला साइबर सेल ने इस बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने और सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
शिमला
फर्जी ई-चालान के जरिए बढ़ रही साइबर ठगी
शिमला में हाल के दिनों में फर्जी ई-चालान के जरिए ठगी के मामलों में तेजी देखी जा रही है। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ठग ऐसे मैसेज भेजते हैं जो बिल्कुल सरकारी संदेशों जैसे दिखते हैं, जिससे आम लोग आसानी से भ्रमित हो जाते हैं और जाल में फंस जाते हैं।
ऐसे काम करता है ठगी का पूरा खेल
साइबर ठग वाहन मालिकों के मोबाइल पर मैसेज भेजते हैं, जिसमें ट्रैफिक नियम तोड़ने और चालान कटने की बात कही जाती है। इस मैसेज में ‘Pay Now’ या ‘View Challan’ जैसे विकल्प के साथ एक लिंक दिया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, वह एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जो दिखने में परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लगती है। यहां वाहन नंबर, बैंक डिटेल या अन्य निजी जानकारी भरते ही डेटा ठगों के पास पहुंच जाता है और वे खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी
बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा है। रोहित मालपानी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही चालान की जानकारी जांचें। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग कभी भी असुरक्षित लिंक के जरिए भुगतान करने को नहीं कहते।
इन बातों का रखें खास ध्यान
लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्मार्टफोन में विश्वसनीय एंटी-वायरस और सुरक्षा ऐप्स का उपयोग करें, जो फिशिंग साइट्स को ब्लॉक कर सकें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपने वाहन से जुड़ी जानकारी जैसे नंबर, चेसिस नंबर या चालान की रसीद साझा करने से बचें, क्योंकि साइबर अपराधी इन जानकारियों का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेकर ठगी कर सकते हैं।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
इस तरह की साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है, ताकि बैंक खाते और निजी जानकारी सुरक्षित रह सके। समय रहते सावधानी बरतकर ऐसे साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।