Loading...

एनएसयूआई की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, सिरमौर को मिला प्रतिनिधित्व

Shailesh Saini • 18 Feb 2026 • 1 Min Read

अतुल चौहान राज्य उपाध्यक्ष, रजनीश ठाकुर महासचिव और तमन्ना ठाकुर सचिव नियुक्त

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

एनएसयूआई की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, सिरमौर को मिला प्रतिनिधित्व स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) हिमाचल प्रदेश की विस्तारित राज्य कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है।

यह सूची एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी तथा हिमाचल प्रभारी राष्ट्रीय सचिव आकाश चौधरी की स्वीकृति के बाद जारी की गई।जारी सूची के अनुसार जिला सिरमौर के अतुल चौहान को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

वहीं रजनीश ठाकुर को महासचिव तथा तमन्ना ठाकुर को सचिव बनाया गया है। इन नियुक्तियों को संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अभिनंदन ठाकुर (टोनी ठाकुर) ने कहा कि नई टीम संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगी और छात्र हितों की आवाज को और प्रभावी ढंग से उठाएगी।

नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल चौहान ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है।

नियमित फैकल्टी की कमी, परीक्षाओं और परिणामों में देरी, पुराने पाठ्यक्रम, शोध सुविधाओं का अभाव और डिजिटल संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षा प्रणाली लागू करना, परिणाम समय पर घोषित करना, लाइब्रेरी एवं लैब सुविधाओं को आधुनिक बनाना तथा छात्रों के लिए डिजिटल लर्निंग संसाधन उपलब्ध कराना समय की मांग है।

अतुल चौहान ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि छात्र हितों की अनदेखी जारी रही तो एनएसयूआई प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाने से पीछे नहीं हटेगी।उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को आवास, परिवहन और इंटरनेट सुविधाओं की भारी समस्या झेलनी पड़ती है।

संगठन इन मुद्दों को सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाएगा ताकि सभी छात्रों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।अतुल चौहान ने विश्वास जताया कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन को मजबूत किया जाएगा और छात्र हितों की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।