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एफएसएसएआई कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने साफ की स्थिति, कहा- सीटीएल की रिपोर्ट के बाद ही हो सकता है शराब उत्पादन

Shailesh Saini • 8 Hours Ago • 1 Min Read

एफएसएसएआई की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र का मामला, आबकारी विभाग को अब तक नहीं मिला कोई आदेश

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

हिमाचल में शराब उत्पादन करने वाली कंपनी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार 10 सितंबर को एफएसएसएआई की टीम ने संयंत्र का निरीक्षण किया था और निरीक्षण से संबंधित कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा उसके तहत बनाए गए नियमों के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा की गई है।

एफएसएसएआई लाइसेंस का निलंबन और निरीक्षण में सामने आई टिप्पणियां खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र का विषय हैं।आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब उत्पादन से संबंधित लाइसेंस प्राप्त परिसर आबकारी अधिनियम, नियमों, विनियमों, लाइसेंस की शर्तों और विभागीय निर्देशों के तहत अलग से विनियमित होते हैं।

विभाग के अनुसार शराब उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए आबकारी विभाग का अपना अलग अधिनियम और नियमावली है।विभाग ने बताया कि संयंत्र में शराब का उत्पादन तभी किया जा सकता है, जब कंडाघाट स्थित केंद्रीय परीक्षण प्रयोगशाला से संबंधित नमूने की ‘मानव उपभोग के लिए उपयुक्त’ रिपोर्ट प्राप्त हो जाए।

यानी उत्पादन प्रक्रिया में गुणवत्ता संबंधी जांच की रिपोर्ट को अनिवार्य माना गया है।आबकारी विभाग के अनुसार एफएसएसएआई की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में अभी तक उसके कार्यालय को कोई विशेष सूचना अथवा आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

विभाग का कहना है कि एफएसएसएआई की कार्रवाई अपने स्तर पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत की गई है, जबकि शराब उत्पादन से जुड़े मामलों में आबकारी विभाग अपने संबंधित कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई करता है।इस बीच संयंत्र प्रबंधन की ओर से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग ने कहा है कि प्रबंधन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं।