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करवा चौथ पर चांद ने बढ़ाया इंतजार, रात 10 बजे तक नाहन में नहीं हुए दीदार; भूखी-प्यासी सुहागिनें आसमान पर टिकाए रहीं निगाहें

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

जमटा से शंभूवाला और सेनवाला तक बादलों की ओट में छिपे चांद का इंतजार, व्रत खोलने के लिए बढ़ती रही महिलाओं की बेचैनी

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ की रात इंतजार की रात बन गई। जिला सिरमौर के नाहन और आसपास के क्षेत्रों में रात 10 बजे तक भी चांद के दीदार नहीं हो पाए। आसमान में छाए बादलों ने चंद्रमा को अपनी ओट में छिपाए रखा और महिलाएं बार-बार आसमान की ओर निहारती रहीं। दिनभर भूख-प्यास सहकर व्रत रखने के बाद अब सभी को चांद की एक झलक का इंतजार था।

जमटा से लेकर नाहन, शंभूवाला और सेनवाला तक सुहागिनें चांद निकलने की राह देखती रहीं। कहीं महिलाएं घरों की छतों पर पहुंचकर आसमान में चंद्रमा तलाशती नजर आईं, तो कहीं परिवार के सदस्य भी चांद दिखाई देने की उम्मीद में आसमान की ओर देखते रहे। पूजा की थाली और छलनी तैयार थी, लेकिन चांद के दर्शन नहीं होने के कारण व्रत खोलने की प्रतीक्षा लंबी होती चली गई।

चंद्रोदय का अनुमानित समय बीत जाने के बावजूद चंद्रमा नजर नहीं आने से महिलाओं की बेचैनी बढ़ती रही। नाहन में चांद निकलने का अनुमानित समय रात करीब 8:11 से 8:13 बजे के आसपास बताया गया था, लेकिन बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दिया। रात के 10 बजने के बाद भी आसमान में चांद की तलाश जारी रहने से करवा चौथ का उत्साह इंतजार में बदलता नजर आया।

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने और पूजा के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। ऐसे में दिनभर की तपस्या के बाद चांद का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए मौसम की बेरुखी परेशानी का कारण बनी रही। हर किसी की निगाहें आसमान पर टिकी थीं और उम्मीद थी कि बादल छंटेंगे तथा चंद्रमा की एक झलक दिखाई देगी। हालांकि, रात 10 बजे तक नाहन क्षेत्र में चांद के दर्शन होने की पुष्टि नहीं हो पाई थी।