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कर्ज पर सुक्खू सरकार को घेरा, 2027 में कर्मचारियों-पेंशनर्स पर सवाल आया तो जयराम बोले—समय आने पर बताएंगे

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर प्रदेश को चार दशक पीछे ले जाने, विकास कार्य ठप करने और कर्ज का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाते हुए सरकार पर जमकर हमला बोला। वहीं 2027 में भाजपा की सरकार बनने की स्थिति में कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए क्या ठोस रणनीति होगी, इस सवाल पर उन्होंने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले। मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2027 में परिस्थितियों के अनुसार प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की जाएगी।

जयराम ठाकुर वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर नाहन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान वह मीडिया से भी मुखातिब हुए। इस दौरान प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति के साथ-साथ सिरमौर में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी उनसे सवाल किए गए।

कर्ज को लेकर जयराम ठाकुर ने कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था तब प्रदेश पर करीब 69 हजार करोड़ रुपये का ऋण था, जो उनके अनुसार वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब एक लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लगातार कर्ज लिया जा रहा है तो विकास कार्य दिखाई क्यों नहीं दे रहे और पैसा आखिर खर्च कहां हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान बंद किए जा रहे हैं और प्रदेश में विकास पर पूर्ण विराम लगा हुआ है।

नेता प्रतिपक्ष ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने करीब 4700 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का दावा किया। स्वास्थ्य क्षेत्र में हिमकेयर और सहारा जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन्हें बंद करने के कगार पर ले गई है। शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब डेढ़ सौ स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है।

कांग्रेस की चुनावी गारंटियों पर भी निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने पांच लाख नौकरियों, पहली मंत्रिमंडल बैठक में एक लाख पद भरने और महिलाओं को 1500 रुपये देने के वादे का उल्लेख किया। हाल के पंचायत और शहरी निकाय चुनाव परिणामों को उन्होंने भाजपा के पक्ष में माहौल का संकेत बताते हुए 2027 में भाजपा सरकार बनने का दावा किया। हालांकि कर्मचारियों-पेंशनर्स की लंबित मांगों और वित्तीय देनदारियों को लेकर भावी भाजपा सरकार की नीति पर उन्होंने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।

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