कामगारों के बच्चों को शिक्षा के उजाले की ओर ले जा रही सुख सरकार की योजना
मंडी
1254 बच्चों को 3.41 करोड़ की सहायता, पहली से पीएचडी तक मिल रही आर्थिक मदद
शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त हस्तक्षेप
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार ने वंचित वर्गों, विशेषकर मेहनत-मजदूरी करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खोल दिए हैं। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की शिक्षा सहायता योजना इसके केंद्र में है, जिसके तहत मंडी जिले में 1254 पंजीकृत कामगारों के बच्चों को 3.41 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जा चुकी है।

प्राथमिक से पीएचडी तक मिल रही मदद
इस योजना के अंतर्गत पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सालाना 8400 से 1.20 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अतिरिक्त 20,000 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं, जिससे उनका रहन-सहन भी बेहतर हो सके।
ग्रामीण परिवेश से बदल रही ज़िंदगी
सरकाघाट की नीलिमा देवी और जोगिंद्रनगर के रोहित जैसे कई लाभार्थियों की कहानी प्रेरणादायक बन चुकी है। नीलिमा की बेटियों की पढ़ाई के लिए बोर्ड से 16,800 रुपये मिले, जबकि रोहित को कॉलेज शिक्षा के लिए 72,000 रुपये की मदद मिली। ऐसे उदाहरण दिखाते हैं कि कैसे एक सामान्य श्रमिक परिवार भी अब शिक्षा की दौड़ में आगे बढ़ पा रहा है।

स्पष्ट पात्रता और सरल प्रक्रिया
सड़क, पुल, बांध, भवन निर्माण जैसे कार्यों से जुड़े 18 से 60 वर्ष के वे श्रमिक, जिन्होंने पिछले 12 माह में 90 दिन कार्य किया हो, योजना के लिए पात्र हैं। आधार, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, उम्र का प्रमाण और दो पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज़ों के साथ पंजीकरण किया जा सकता है। यह पंजीकरण ऑनलाइन https://bocw.hp.nic.in पर भी किया जा सकता है।
प्रशासनिक सक्रियता से तेजी आई कार्यों में
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं का त्वरित लाभ पात्र लोगों को पहुंचाया जाए। मंडी जिले में कामगारों के लिए संचालित योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं।