फर्जी बिलिंग और जीएसटी हेरफेर की आशंका, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा संभव
हिमाचल नाऊ न्यूज – काला अंब (सिरमौर)
औद्योगिक क्षेत्र काला अंब में वीरवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय आयकर विभाग की टीम ने एक साथ कई औद्योगिक इकाइयों और निजी ठिकानों पर दबिश दी।
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कार्रवाई मुख्य रूप से चार लेड (सीसा) उद्योगों पर केंद्रित बताई जा रही है, जिनमें राधा कृष्णा, रामा कृष्णा और एकता इंटरप्राइजेज जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। शुक्रवार देर रात तक चली कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारी दस्तावेजों की जांच और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालने में जुटे रहे।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में फर्जी बिलिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन में हेरफेर की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कंपनियों ने कथित तौर पर कागजी फर्मों के जरिए खरीद दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया और वास्तविक उत्पादन व बिक्री के आंकड़ों में अंतर रखा। जांच एजेंसियां आयकर के साथ-साथ जीएसटी रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं, जिससे करोड़ों रुपये की संभावित टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक टीमों ने केवल फैक्ट्रियों में ही नहीं बल्कि संबंधित उद्योगपतियों के आवासों पर भी एक साथ छापेमारी की। फैक्ट्री परिसरों को अस्थायी रूप से नियंत्रण में लेकर स्टॉक, अकाउंट बुक, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। कर्मचारियों और प्रबंधन से पूछताछ भी की गई है।
सूत्र यह भी संकेत दे रहे हैं कि जांच का दायरा लेड उद्योगों तक सीमित नहीं है और एक बायोलॉजिकल कंपनी की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। संबंधित कंपनी के स्वामियों के परिसरों में भी दस्तावेजों की जांच जारी है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इनकम टैक्स की टीम से बात करने की कोशिश की गई मगर उन्होंने किसी भी तरह का कोई जवाब नहीं दिया है। यही नहीं फैक्ट्री के मालिकों के मोबाइल भी इनकम टैक्स की टीम के द्वारा अपने कब्जे में लिए गए हैं।
फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन जिस स्तर पर समन्वित कार्रवाई की गई है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़े वित्तीय खुलासे संभव हैं। औद्योगिक क्षेत्र में इस रेड के बाद कारोबारी हलकों में हलचल बनी हुई है और सभी की निगाहें विभाग की आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हैं।
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