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किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र को मजबूत कर रही सरकार, मिल्क फेड और एनडीडीबी के बीच तीन समझौते

By Shailesh Saini Published: 16 Mar 2026, 9:38 PM | Updated: 16 Mar 2026, 9:40 PM 1 min read

हिमाचल प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच डेयरी क्षेत्र के विकास को लेकर तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों के हाथ में सीधा पैसा पहुंचाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

शिमला

डेयरी विकास को लेकर तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

हिमाचल प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रदेश सरकार की ओर से सचिव पशुपालन रितेश चौहान और हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा ने हस्ताक्षर किए, जबकि एनडीडीबी की ओर से अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

कांगड़ा मिल्क यूनियन और नए प्रोसेसिंग संयंत्रों की स्थापना

समझौते के तहत कांगड़ा मिल्क यूनियन का गठन और संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही सिरमौर जिले के नाहन और सोलन जिले के नालागढ़ में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं हमीरपुर जिले के जलाड़ी और ऊना जिले के झलेड़ा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के दो दुग्ध अभिशीतन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

ढगवार में आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण

कांगड़ा जिले के ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला आधुनिक स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता भविष्य में तीन लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाई जा सकेगी। नई मिल्क यूनियन में कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चम्बा जिलों को शामिल किया जाएगा, जिससे दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

डेयरी क्षेत्र में डिजिटल प्रबंधन लागू होगा

डेयरी क्षेत्र को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए मिल्क फेड में उद्यम संसाधन योजना (ERP) सॉफ्टवेयर लागू किया जाएगा। इससे दूध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, उत्पादन, भंडारण और वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं का डिजिटल प्रबंधन संभव होगा और दूध उत्पादकों को समय पर पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

किसानों को अधिक समर्थन मूल्य और प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूध खरीद पर सबसे अधिक समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। गाय के दूध का समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया गया है। दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत दूध खरीद केंद्र तक दूध पहुंचाने पर प्रति लीटर तीन रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दूध का मूल्य बढ़ाना नहीं बल्कि ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाना है। गोपाल योजना के तहत गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्यों में पशुओं की देखभाल के लिए अनुदान राशि 700 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।

‘हिम’ ब्रांड को आगे बढ़ाने पर जोर

कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने ‘हिम’ ब्रांड के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डेयरी उत्पादों को अमूल और वेरका जैसे ब्रांडों की तर्ज पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर मिल्क फेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डी.सी. नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।