कुल्लू में 23,000 से ज्यादा बागवानों ने करवाया फसल बीमा , अब नहीं होगा नुकसान का डर
Himachalnow / कुल्लू
सेब , प्लम और अनार की फसलों के लिए राहत : कुल्लू में फसल बीमा बना सुरक्षा कवच
फसल बीमा से हजारों बागवानों को सुरक्षा
कुल्लू जिले में बागवान अब अपनी फसलों को मौसम की मार से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर फसल बीमा करवा रहे हैं। जिले में अब तक 23,000 से अधिक बागवानों ने सेब, प्लम और अनार की फसलों का बीमा कराया है, जिससे उन्हें ओलावृष्टि, तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई मिल सके।
बैंक ऋण लेने वाले किसानों को भी मिलेगा बीमा कवर
बागवानी विभाग कुल्लू के अधिकारी डॉ. उत्तम पराशर ने बताया कि जिन बागवानों ने बैंक से ऋण लिया है, उनके लिए भी यह बीमा अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में मार्च, अप्रैल और मई के महीनों में तेज़ तूफान और आंधी के कारण सेब, प्लम और अनार की फसलों को भारी नुकसान होता है, ऐसे में यह योजना बागवानों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।
नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनियों का सहयोग
बीमा योजना के तहत यदि किसी किसान की फसल को नुकसान होता है तो बीमा कंपनी द्वारा प्रति पेड़ के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी अन्य प्रकार की क्षति होती है तो उसके लिए भी विभिन्न पॉलिसियों के तहत बीमा कंपनियां मुआवजा देंगी।
प्रचार-प्रसार से बढ़ेगी जागरूकता
बागवानी विभाग समय-समय पर बागवानों को फसल बीमा योजना के प्रति जागरूक करता है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें। कुल्लू जिले में क्षेमा इंश्योरेंस कंपनी फसल बीमा के तहत कार्यरत है। इस योजना में पांच साल से अधिक आयु वाले पौधों पर एक निश्चित प्रीमियम लिया जाता है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई संभव हो सके।
एड-ऑन पॉलिसी से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
बागवान अपनी जरूरत के अनुसार एड-ऑन पॉलिसी भी जोड़ सकते हैं, जिसमें ओलावृष्टि जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई भी शामिल है। इस योजना में बैंकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो बागवानों को इस सुविधा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।