कृषि विपणन बोर्ड में 110 करोड़ की अग्रिम राशि का हिसाब गायब : राकेश जमवाल
ऑडिट में 49 करोड़ का अंतर, किसानों के नाम पर खेला गया बड़ा खेल
हिमाचल नाऊ न्यूज शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की वर्ष 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने रिपोर्ट में उजागर वित्तीय अनियमितताओं को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
राकेश जमवाल ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में लगभग 110 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि का समुचित समायोजन न होने और स्पष्ट लेखा-जोखा प्रस्तुत न किए जाने की बात सामने आई है।
उन्होंने कहा कि यह केवल लेखांकन की त्रुटि नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन की भारी कमी को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि डिपॉजिट कार्यों के खातों में करीब 49 करोड़ रुपये का अंतर पाया जाना अत्यंत गंभीर मामला है।
इतने बड़े अंतर को सामान्य प्रक्रिया की चूक नहीं माना जा सकता। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई अग्रिम राशियां लंबे समय से लंबित पड़ी हैं और उनके उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए।
भाजपा नेता ने कहा कि खातों के मिलान में विसंगतियां, कर्मचारियों के सीपीएफ खातों और बैंक बैलेंस में अंतर जैसी टिप्पणियां इस बात का संकेत हैं कि बोर्ड में वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह से अव्यवस्थित है।
राकेश जमवाल ने आरोप लगाया कि किसानों और मंडी समितियों के नाम पर जारी धनराशि का पारदर्शी उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं के हितों की अनदेखी कर यदि धनराशि का सही हिसाब तक उपलब्ध नहीं है तो यह सरकार की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की कि 110 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि का वास्तविक उपयोग कहां हुआ, 49 करोड़ रुपये का अंतर कैसे पैदा हुआ और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
राकेश जमवाल ने कहा कि यदि इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच नहीं करवाई गई तो भाजपा प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि जनता के धन का पूरा हिसाब लिया जाएगा और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाया जाएगा।