Loading...

केंद्र की बड़ी सौगात: चंडीगढ़–मोहाली–पंचकूला ट्रैफिक जाम से राहत देगा 6-लेन स्पर प्रोजेक्ट

Shailesh Saini • 20 Feb 2026 • 1 Min Read

हिमाचल नाऊ न्यूज/अश्विनी शर्मा/ चंडीगढ़/ दिल्ली

अश्विनी शर्मा चंडीगढ़ दिल्ली केंद्र सरकार ने ट्राइसिटी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना को मंजूरी दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-205ए के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बाईपास से जोड़ने वाले 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर निर्माण हेतु 1,463.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

यह परियोजना चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला को जोड़ने वाली ट्राइसिटी रिंग रोड का अहम हिस्सा है और क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्या को कम करने में सहायक होगी।मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि यह कॉरिडोर ट्राइसिटी के प्रमुख शहरी चौराहों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर भीड़भाड़ को कम करेगा।

इससे एनएच-44, एनएच-205ए और एनएच-152 पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा।इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश विशेषकर शिमला की ओर जाने वाले यात्रियों को तेज और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। यात्रा समय घटेगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

सड़क सुरक्षा में सुधार, प्रदूषण में कमी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ने की भी उम्मीद है।ट्राइसिटी क्षेत्र लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। चंडीगढ़ ट्राइसिटी रिंग रोड परियोजना कुल लगभग 244 किलोमीटर लंबी है और इसकी अनुमानित लागत 12,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

यह परियोजना पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य अंतरराज्यीय आवाजाही को सुगम बनाना और यातायात बाधाओं को दूर करना है।यह परियोजना उत्तर भारत में शहरी कनेक्टिविटी सुधारने और क्षेत्रीय विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।