धर्मशाला
जिला प्रशासन व परिवहन विभाग ने पांच नागरिकों को किया सम्मानित, प्रत्येक को मिला नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र
गुड स्मार्टियन योजना के अंतर्गत सम्मान समारोह
धर्मशाला में बुधवार को जिला प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा ‘गुड स्मार्टियन योजना’ के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की समय पर मदद करने वाले पांच नागरिकों को सम्मानित किया गया। डीआरडीए सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, एएसपी हितेश लखनपाल और आरटीओ प्रदीप कुमार द्वारा घुग्घर के सुरेश वर्मा, समलोटी के प्रवेश शर्मा, नगरोटा बगवां के मंजीत कुमार, धमेटा के सुभाष चंद और निक्का सिंह को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
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नकद पुरस्कार और योजना की जानकारी
इन सभी ‘गुड स्मार्टियंस’ को परिवहन विभाग द्वारा योजना के तहत 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार उनके बैंक खातों में जमा करवाया गया। इस योजना का उद्देश्य सड़क हादसों में घायलों को ‘गोल्डन आवर’ के भीतर अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना का मकसद सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करना है।
सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी: एडीसी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करते समय किसी को भी कानूनी कार्रवाई का डर नहीं होना चाहिए, और अस्पतालों को प्राथमिकता पर इलाज करना होगा।
स्कूली बसों की निगरानी और दस्तावेज अपडेट रखने की सलाह
एडीसी ने निर्देश दिए कि स्कूलों को उन वाहनों के सभी दस्तावेज अपने पास रखने चाहिए जो बच्चों को लाते-ले जाते हैं। इन दस्तावेजों की प्रति हर वर्ष अपडेट करना आवश्यक है।
नियमों का पालन करें, हर गतिविधि पर रहेगी नजर: एएसपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश लखनपाल ने बताया कि 90% सड़क हादसे मानवीय चूक के कारण होते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में इंटेलिजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने की दिशा में काम हो रहा है जिससे नियम तोड़ने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ब्लैक स्पॉट की जानकारी साझा करें: आरटीओ
बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि सड़कों पर मौजूद गड्ढे और ब्लैक स्पॉट हादसों का मुख्य कारण हैं। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि ऐसे किसी भी स्थान की जानकारी rto-dha-hp@nic.in पर भेजें, ताकि उचित कार्रवाई हो सके।
विभाग द्वारा आर्थिक सहायता भी उपलब्ध
आरटीओ ने यह भी बताया कि यदि दुर्घटना के दौरान गाड़ी का पता न चल पाए और मृत्यु या घायल होने की स्थिति बने, तो विभाग 2 लाख रुपये तक की सहायता मृतक के परिजनों को और 50 हजार रुपये तक का क्लेम घायलों के इलाज के लिए उपलब्ध करवाता है।
बैठक में हुई सहभागिता
बैठक में शिक्षा व परिवहन विभाग के अधिकारी, ट्रांसपोर्टर, चालक यूनियन प्रतिनिधि, लोक कलाकार, ड्राइविंग स्कूलों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारकों ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा पर अपने सुझाव साझा किए।
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