गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कांग्रेस सरकार की नई पहल ,850 संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए 850 संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया है।
उपमुख्य सचेतक ने रविवार को राजकीय उच्च पाठशाला डढंब के वार्षिक उत्सव में कहा कि पूर्व सरकार की गलत नीतियों से प्रभावित विद्यार्थियों के लिए वर्तमान सरकार सुधारात्मक कदम उठा रही है। मंत्रिमंडल की बैठक में पीजीटी शिक्षकों के 700 पद और एनटीटी के 6,200 पद भरने की मंजूरी दी गई है। शिक्षकों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगाकर विद्यार्थियों के लिए समावेशी शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
इसके साथ ही, शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के 15,000 पदों को भरने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। शिक्षकों के 3,200 पद बैचवाइज भरे गए हैं, जबकि 2,800 से अधिक पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, 120 कॉलेज प्रिंसिपल और 483 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति भी की गई है।राज्य में अंग्रेजी माध्यम में पहली कक्षा से पढ़ाई शुरू करने का चुनावी वादा भी पूरा किया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक से लैस राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। यह कदम विद्यार्थियों को उन्नत और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
महिलाओं और बच्चों की शिक्षा और कल्याण के लिए मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना की शुरुआत की गई है। इसके लिए 53.21 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। 15,181 स्कूलों में बाल पौष्टिक आहार योजना के तहत 5.34 लाख बच्चों को अंडे और फल जैसे पोषण सामग्री का लाभ मिला है।
इस योजना पर सरकार ने 12.75 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।कार्यक्रम में हेडमास्टर जयंत ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, और बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
मुख्यातिथि ने मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इस अवसर पर महिला कांग्रेस महासचिव रीना पठानिया, एसएमसी प्रधान सुनीता देवी और उप प्रधान इंद्रजीत भी उपस्थित रहे।