गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: राजेश धर्माणी
घुमारवीं (बिलासपुर):
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में बड़े सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
गुरुवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के वार्षिक पुरस्कार वितरण एवं क्लस्टर स्तरीय समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत करते हुए उन्होंने यह बात कही।
इस अवसर पर मंत्री ने लगभग 10 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित कला मंच का लोकार्पण भी किया और मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।
राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पहले चरण में 100 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है।
इसका उद्देश्य यह है कि जो विद्यार्थी बेहतर शिक्षा की चाह में निजी स्कूलों का रुख करते थे, अब उन्हें कम फीस में ही सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” का दर्जा दिया है और उनकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार उठा रही है।
इसके अतिरिक्त, “इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर माताओं के बच्चों को सहायता दी जा रही है। उन्होंने “डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना” की जानकारी देते हुए बताया कि 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र 1 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रभावी सुधारों के चलते ही हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2021-22 के 25वें स्थान से सुधरकर अब 5वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे, खासकर चिट्टा जैसी घातक ड्रग्स से दूर रहने की सलाह दी और किसी भी प्रकार की संलिप्तता की सूचना तुरंत अध्यापकों या पुलिस को देने का आह्वान किया।
इससे पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य परमजीत सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। समारोह में सात विद्यालयों के लगभग 1400 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक रेणु कौशल और नगर परिषद अध्यक्षा रीता सहगल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।