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गुमशुदा से पहचान तक / पश्चिम बंगाल के व्यक्ति को हिमाचल पुलिस ने परिवार से मिलाया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 27 Jan 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / नाहन

पुलिस और स्थानीय लोगों के प्रयास से मिला परिवार

24 जनवरी 2025 को नाहन के देवका पुड़ला गांव में एक संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सूचना ग्राम पंचायत प्रधान नरेश चंद ने पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद थाना सदर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उस व्यक्ति से पूछताछ शुरू की। भाषा संबंधी दिक्कतों के चलते व्यक्ति की पहचान में समस्या आई, लेकिन स्थानीय लोगों और पुलिस की सतर्कता और सहानुभूति ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति को एक सुखद समाधान में बदल दिया।

गांव में अज्ञात व्यक्ति की मौजूदगी से फैली हलचल
ग्राम प्रधान और वार्ड मेंबर ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति गांव में बिना किसी जानकारी के घूम रहा था। मानवता के नाते उसे खाना खिलाया गया और रोककर रखा गया ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन व्यक्ति के पास कोई पहचान पत्र नहीं था और न ही वह अपने परिजनों के बारे में कोई ठोस जानकारी दे पा रहा था।

पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क कर हुई पहचान
व्यक्ति ने इशारों में यह जानकारी दी कि वह पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले का निवासी है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया। व्हाट्सऐप और वीडियो कॉल के माध्यम से व्यक्ति की पहचान की प्रक्रिया शुरू हुई। तुफानगंज थाने में बातचीत के दौरान व्यक्ति ने अपने गांव का नाम भूरकुश बताया।

परिवार की गुमशुदगी रिपोर्ट से हुआ सत्यापन
पश्चिम बंगाल निवासी विपिन शाह, जो व्यक्ति के भांजे हैं, से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई। उन्होंने पुष्टि की कि यह व्यक्ति उनका मामा, मदन शाह है। विपिन शाह ने यह भी बताया कि उन्होंने 15 फरवरी 2024 को तुफानगंज थाने में मदन शाह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

परिवार के सदस्यों तक पहुंचाई गई सूचना
पुलिस ने तुरंत मदन शाह की बहन राधा देवी और उनके बेटे विन्देश शाह से संपर्क किया, जो उत्तर प्रदेश के वृंदावन में रहते हैं। 27 जनवरी 2025 को राधा देवी और विन्देश शाह नाहन थाना पहुंचे। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद मदन शाह को सुरक्षित उनके परिवार को सौंप दिया गया।

पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल
थाना सदर नाहन के कर्मचारियों ने न केवल तेजी से कार्रवाई की, बल्कि मदन शाह को उनके घर तक पहुंचाने के लिए धनराशि भी इकट्ठा की। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और स्थानीय लोगों ने जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

यह घटना यह साबित करती है कि मानवता और पुलिस के सक्रिय प्रयास किसी भी चुनौती को हल कर सकते हैं। मदन शाह का अपने परिवार से मिलना न केवल उनकी खुशी का कारण बना , बल्कि पुलिस और समाज के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी भी बना।