गोजर पंचायत के 38 परिवारों के 128 मतदाताओं ने थामा भाजपा का दामन
टूटी सड़कें बनी सबसे बड़ा मुद्दा
पांवटा साहिब।
पांवटा के गिरिपार क्षेत्र से कांग्रेस के लिए एक और बड़ा झटका सामने आया है। गोजर पंचायत में 38 परिवारों के 128 मतदाताओं ने कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया।
क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों और तीन साल से ठप विकास कार्यों से नाराज़ जनता ने आज साफ संदेश दे दिया कि अब विकासहीन राजनीति नहीं चलेगी।
गोजर पंचायत के लोगों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कांग्रेस शासन के तीन सालों में इलाके की हालत बद से बदतर हो गई है।
सड़कों पर बने खतरनाक गड्ढे आए दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक फिसलकर घायल हो रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद न जिला प्रशासन सुन रहा है और न ही सरकार के नेता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार धरने-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद भी सड़क मरम्मत तक नहीं करवाई गई, जिससे मजबूर होकर उन्होंने कांग्रेस को “अलविदा” कहने का फैसला लिया।
इस मौके पर पहुँचे पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी ने सभी नए कार्यकर्ताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें भाजपा का पटका पहनाकर पार्टी में शामिल किया। उन्होंने कहा कि गिरिपार की जनता अब ठगी नहीं खाएगी।
कांग्रेस सरकार ने तीन साल में शून्य विकास किया है। सड़कें टूट गईं, पेयजल योजनाएँ ठप हैं और किसान परेशान हैं। भाजपा ही वह पार्टी है जो जनता की आवाज़ बनकर खड़ी है और विकास को धरातल पर उतारती है।
सुखराम चौधरी ने आश्वासन दिया कि भाजपा में शामिल हुए हर परिवार को सम्मान दिया जाएगा और गोजर पंचायत में सड़क मरम्मत सहित सभी विकास कार्य तुरंत प्राथमिकता से करवाए जाएँगे।
वहीं आंजभोज मंडल अध्यक्ष रमेश तोमर ने कहा कि पार्टी प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान करती है और नए सदस्यों को संगठन में मजबूत भूमिका दी जाएगी। तोमर ने कहा कि जो भी लोग आज भाजपा परिवार में आए हैं, वे निश्चिंत रहें। उनके सभी विकास संबंधी मुद्दों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
इन लोगों ने थामा भाजपा का हाथ
राम गोपाल, राजू, गुलाब सिंह, दीप चन्द, शंकर सिंह, संत राम, गोरी प्रसाद, जयप्रकाश, उदल सिंह, मलखान, संजय सिंह, गोविन्द, रविन्द्र, श्रवण कुमार, अमर सिंह, मेहन्दर सिंह, सुमेर, मैना देवी, शमशेर, अनिल, सुनील, रणजीत, शिवनाथ,
रघुनाथ, फूल देवी, माया राम, कमल, सुरेश, रामनाथ, ओमबीर (फौजी), नरेश, राकेश, जयपाल, प्रकाश, बलजीत, राकेश, सूबेदार रामप्रसाद आदि शामिल रहे।