चम्बा में वन अधिकार अधिनियम के प्रस्तावों पर जिला स्तरीय समिति की बैठक, कई मामलों पर समीक्षा और निर्देश
Himachalnow / चंबा
चम्बा में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से औपचारिकताएं पूरी करने, फील्ड स्तर पर जांच सुनिश्चित करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए।
चम्बा
जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित
चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए), 2006 के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिनियम के तहत प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करना, उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन करना और लंबित मामलों को आगे बढ़ाने की दिशा तय करना रहा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर अपने-अपने विभाग से संबंधित जानकारी साझा की और प्रस्तावों के निपटारे को लेकर अपनी राय भी रखी।
प्रस्तावों पर विस्तार से हुआ विचार-विमर्श
बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 की धारा 3(2) के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रत्येक प्रस्ताव के सामाजिक, प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उनकी पात्रता, स्थिति और प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया गया, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि या भ्रम की स्थिति न बने।
समयबद्ध प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उपमंडल समिति द्वारा भेजे गए प्रस्तावों से जुड़ी विभागीय औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी से बचना बेहद जरूरी है और सभी अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें, ताकि लाभार्थियों को समय पर अधिकार मिल सकें।
फील्ड स्तर पर जांच और सत्यापन जरूरी
उन्होंने कहा कि प्रस्तावों से संबंधित फील्ड स्तर की जांच, स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि सभी मामलों का सही और निष्पक्ष तरीके से निपटारा किया जा सके और किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे।
कुछ प्रस्तावों को मंजूरी, कुछ पर सुझाव
बैठक में समिति ने प्रस्तुत प्रस्तावों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक टिप्पणियां और सुझाव दर्ज किए। विस्तृत चर्चा और जांच के बाद कुछ मामलों को मंजूरी प्रदान की गई, जबकि अन्य प्रस्तावों को आवश्यक सुधार और अतिरिक्त जानकारी के लिए संबंधित विभागों को वापस भेजा गया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और सभी ने प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।