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चम्बा में सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट समितियां और छात्र सम्मानित

PRIYANKA THAKUR 25 Mar 2026 Edited 25 Mar 1 min read

Himachalnow / चंबा

चम्बा में आयोजित सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विद्यालय प्रबंधन समितियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के साथ सम्मानित किया गया।

चम्बा

जिला मुख्यालय में सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित
जिला मुख्यालय चम्बा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सौजन्य से सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपायुक्त मुकेश रेपसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से विद्यालय प्रबंधन समितियों के सदस्य, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, समुदाय की भागीदारी को सशक्त करने और विद्यालयों के समग्र विकास को नई दिशा देने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

विद्यालय प्रबंधन समितियों की भूमिका पर विशेष जोर
अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति किसी भी स्कूल के सुचारू संचालन की एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है और विद्यालय का रखरखाव, अनुशासन तथा प्रबंधन काफी हद तक इसकी सक्रियता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि यदि समितियां सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाएं तो विद्यालयों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने सभी समितियों से आग्रह किया कि वे केवल नाममात्र की भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।

शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के समग्र विकास पर फोकस
उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समितियों का उद्देश्य केवल भवन निर्माण या भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों के नैतिक विकास और उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों को इस प्रकार शिक्षित किया जाना चाहिए कि वे आत्मनिर्भर बन सकें और भविष्य में अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हों। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय और सहभागिता बेहद जरूरी है, जिससे शिक्षा का स्तर निरंतर बेहतर हो सके।

शिक्षकों के सहयोग और सामाजिक भागीदारी पर जोर
उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समितियां शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें सहयोग भी प्रदान करें, ताकि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर सकें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि समाज के अनुभवी और जागरूक लोगों को विद्यालयों से जोड़ा जाए, जिससे बच्चों को मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सके। इस प्रकार की सामाजिक भागीदारी से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।

उत्कृष्ट समितियों और विद्यार्थियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले भर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विद्यालय प्रबंधन समितियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। प्राथमिक विद्यालयों में राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुठेड़-1 (शिक्षा खंड चुवाडी) ने प्रथम स्थान, राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला बलेरा (बनीखेत) ने द्वितीय स्थान और राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला गरनोटा (सिहुंता) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मिडिल विद्यालयों में राजकीय माध्यमिक विद्यालय ककियां (हरदासपुरा) प्रथम, राजकीय माध्यमिक विद्यालय गधेटरा (सलूनी) द्वितीय और राजकीय माध्यमिक पाठशाला प्राहन्वी (कियाणी) तृतीय स्थान पर रहे। वहीं हाई एवं सीनियर सेकेंडरी विद्यालयों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बलेरा (बनीखेत) प्रथम, राजकीय उच्च विद्यालय सरोग (सिहुंता) द्वितीय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय होबार (चुवाडी) तृतीय स्थान पर रहा। इसके अलावा जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में विजेताओं को क्रमशः 5000, 3000 और 2000 रुपये के नकद पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र, मोमेंटो, डिक्शनरी और अन्य शैक्षिक सामग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा नशे के दुष्प्रभाव और स्वच्छता जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्होंने सभी उपस्थित लोगों को जागरूक करने का काम किया।