चलती 108 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, ईएमटी अरुण ने करवाया सुरक्षित प्रसव
रात 3 बजे रास्ते में महिला ने दिया तीसरी संतान को जन्म, पायलट देशराज तोमर ने निभाई अहम भूमिका
हिमाचल नाऊ न्यूज राजगढ़
जिला सिरमौर के उपमंडल राजगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय सेवा की मिसाल पेश की है। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज होने पर एंबुलेंस के भीतर ही महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया गया। ईएमटी अरुण चौहान ने सूझबूझ और चिकित्सकीय दक्षता का परिचय देते हुए प्रसव करवाया, जबकि पायलट देशराज तोमर ने एंबुलेंस का संचालन करते हुए अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार 26 वर्षीय गीता पत्नी दीपक, निवासी गांव खड़ेल, डाकघर रोड्डघाटी, तहसील राजगढ़ को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस सेवा के लिए संपर्क किया गया। रात करीब 1 बजकर 53 मिनट पर एंबुलेंस कर्मचारियों को केस असाइन हुआ। इसके तुरंत बाद ईएमटी अरुण चौहान और पायलट देशराज तोमर महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए रवाना हो गए।महिला को राजगढ़ अस्पताल ले जाते समय रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई।
परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईएमटी अरुण चौहान ने एंबुलेंस में ही प्रसव करवाने का निर्णय लिया। रात करीब 3 बजे एंबुलेंस के भीतर महिला ने तीसरी संतान के रूप में बच्चे को जन्म दिया। चुनौतीपूर्ण हालात में अरुण चौहान ने धैर्य और कुशलता के साथ प्रसव प्रक्रिया पूरी करवाई।
इसके बाद जच्चा और नवजात को सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में दोनों को रखा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। महिला के पहले से एक बेटा और एक बेटी हैं।
आपातकालीन परिस्थितियों में 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की तत्परता ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी जिम्मेदारी केवल मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर रास्ते में भी जीवनरक्षक भूमिका निभानी पड़ती है। ईएमटी अरुण चौहान और पायलट देशराज तोमर का यह प्रयास सराहनीय है।