चूईनाधार में घर में घुसा खूंखार तेंदुआ रेस्क्यू, 36 घंटे चला ऑपरेशन
कुत्ते का शिकार करने घर में घुसा था तेंदुआ, दरवाजा बंद होने से कमरे में हुआ कैद; वन विभाग ने सुरक्षित जंगल में छोड़ा
हिमाचल नाऊ न्यूज संगड़ाह।
सिरमौर जिले की संगड़ाह वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भलाड़-भलौना पंचायत के चूईनाधार गांव में घर में घुसे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने करीब 36 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित पकड़ लिया।
रेस्क्यू के बाद तेंदुए को शनिवार देर शाम उसके प्राकृतिक आवास के समीप जंगल में छोड़ दिया गया।वन परिक्षेत्र अधिकारी संगड़ाह सत्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि चूईनाधार गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक मीना राम के घर में तेंदुआ घुसने की सूचना शुक्रवार सुबह विभाग को मिली थी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया गया।बताया जा रहा है कि तेंदुआ घर की पहली मंजिल पर बने एक कमरे में कुत्ते का शिकार करने के लिए घुसा था। इसी दौरान तेंदुए और कुत्ते के बीच संघर्ष हुआ और कमरे का दरवाजा बंद हो गया। इसके चलते तेंदुआ कमरे के अंदर ही फंस गया।
परिवार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने कमरे का दरवाजा सुरक्षित तरीके से बंद रखा और वन विभाग को सूचना दी।तेंदुए को काबू करने के लिए ट्रेंकुलाइजर और शार्प शूटर को बाहर से बुलाना पड़ा, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 36 घंटे का समय लगा।
वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी के साथ तेंदुए को रेस्क्यू किया और शनिवार देर शाम उसे जंगल में छोड़ दिया।वन परिक्षेत्र अधिकारी सत्य प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के शार्प शूटर मोहित, स्थानीय पशु चिकित्सक डॉ. अक्षय और डॉ. संजय के अलावा वनकर्मी सतपाल, रविंद्र, मुकेश और ट्विंकल सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
वन विभाग की टीम की तत्परता से तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने से ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली।