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चौगान मैदान में ट्रेड फेयर के खिलाफ सड़क पर उतरे व्यापारी और युवा, बोले– खेल मैदान को नहीं बनने देंगे व्यावसायिक केंद्र

Shailesh Saini • 3 Aug 2026 • 1 Min Read

ऐतिहासिक चौगान मैदान के संरक्षण की मांग, खिलाड़ियों की खेल गतिविधियां प्रभावित होने पर जताई कड़ी आपत्ति

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

नाहन के ऐतिहासिक रियासतकालीन चौगान मैदान में प्रस्तावित ट्रेड फेयर और व्यावसायिक मेलों के विरोध में सोमवार को शहर के व्यापारी, खिलाड़ी, छात्र, युवा और स्थानीय नागरिक एकजुट होकर उपायुक्त सिरमौर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि चौगान मैदान में किसी भी प्रकार के ट्रेड फेयर और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति न दी जाए तथा मैदान को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित रखा जाए।

प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ व्यवसायी मनीष अग्रवाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं व्यवसायी देवेंद्र अग्रवाल, योगेश जैन, वासु जैन, शिवम कुमार, मोनू सैनी, राम मोहन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, खिलाड़ी और युवा मौजूद रहे।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि चौगान मैदान नाहन की ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ-साथ शहर का प्रमुख खेल मैदान है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों युवा फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों का अभ्यास करते हैं।

ट्रेड फेयर और अन्य व्यावसायिक आयोजनों के चलते कई दिनों तक मैदान बंद रहता है, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास से वंचित होना पड़ता है। सेना, पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी कर रहे युवाओं की तैयारियां भी इससे प्रभावित होती हैं।

प्रतिनिधिमंडल की ओर से देवेंद्र अग्रवाल और मनीष अग्रवाल ने कहा कि उनका किसी भी सांस्कृतिक, सामाजिक या जनहित के मनोरंजन कार्यक्रम से कोई विरोध नहीं है। यदि चौगान मैदान में खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक आयोजन या सार्वजनिक हित के कार्यक्रम होते हैं तो उनका स्वागत है। लेकिन व्यावसायिक मेले और ट्रेड फेयर मैदान के मूल उद्देश्य को प्रभावित करते हैं और इसे अस्थायी व्यवसायिक केंद्र में बदल देते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। साथ ही मैदान में गंदगी, शोर-शराबा और अव्यवस्था जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि चौगान मैदान को केवल खेल, सांस्कृतिक, पर्यटन और सार्वजनिक हित की गतिविधियों तक सीमित रखा जाए तथा इसकी ऐतिहासिक पहचान और खेल संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।

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