जनविरोधी बजट, कर्ज और कटौती का बोझ बढ़ाएगी सरकार : रीना कश्यप
गारंटियां कागजों में सीमित, वेतन रोकने तक पहुंची वित्तीय स्थिति
हिमाचल नाऊ न्यूज़ राजगढ़:
पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 को जनविरोधी, दिशाहीन और आर्थिक विफलता का प्रतीक बताया है।उन्होंने कहा कि यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में कम है, जो प्रदेश की सिकुड़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। सरकार की वित्तीय स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि कर्मचारियों का वेतन तक स्थगित करना पड़ रहा है।
रीना कश्यप ने आरोप लगाया कि सरकार की गारंटियां केवल कागजों तक सीमित हैं और तीन वर्षों में एक भी बड़ा वादा पूरा नहीं हुआ। यह प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है।उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी और अन्य योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा।
घोषणाएं हो रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत नजर नहीं आ रही।विधायक ने कहा कि प्रदेश लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है और सरकार के पास कोई स्पष्ट आर्थिक रोडमैप नहीं है। विकास के नाम पर केवल प्रचार किया जा रहा है।
महिलाओं और युवाओं को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता और रोजगार के नाम पर केवल घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा।उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, बल्कि कर्ज, कटौती और करों पर आधारित है, जो प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला है।