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जमासनी मंदिर में नवरात्र के दौरान मृदु शर्मा की पूजा, क्षेत्र के विकास और समृद्धि की करी कामना

PRIYANKA THAKUR 21 Mar 2026 Edited 21 Mar 1 min read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

कुटलैहड़ क्षेत्र में हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर माता जमासनी मंदिर में भक्ति और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। समाजसेविका मृदु शर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

ऊना

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में हिंदू नववर्ष 2083 संवत् और चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रारंभिक नवरात्रों के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर जिला ऊना रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्य एवं समाजसेविका मृदु शर्मा ने माता जमासनी मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और संध्या आरती में भाग लिया। गौरतलब है कि विधायक विवेक शर्मा इन दिनों विधानसभा सत्र में व्यस्त हैं। जिसके चलते उनकी धर्मपत्नी मृदु शर्मा ने स्वयं मंदिर पहुंचकर क्षेत्र की जनता की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने हवन यज्ञ में भी भाग लिया और श्रद्धा भाव से आहुति दी। इस दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचे, नवरात्रों के पावन अवसर पर पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मृदु शर्मा ने भी पूरे विधि-विधान से पूजा करते हुए माता का आशीर्वाद लिया और क्षेत्रवासियों के कल्याण की कामना की। मृदु शर्मा ने कहा कि माता जमासनी मंदिर न केवल कुटलैहड़ बल्कि आसपास के क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि यहां आकर आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि उन्हें इस पावन अवसर पर पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला, जो उनके जीवन का एक विशेष अनुभव है। उन्होंने कहा कि नवरात्रों का पर्व शक्ति और भक्ति का प्रतीक है,जो सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जनता के सुख, शांति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की और कामना की, कि माता रानी सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।


मृदु शर्मा ने मंदिर में उपस्थित विद्वानों, पुजारियों एवं मंदिर कमेटी के सदस्यों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी ने उन्हें जो मान-सम्मान दिया, उसके लिए वह हृदय से आभारी हैं। उन्होंने मंदिर के सुचारू संचालन और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए कमेटी के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। मंदिर में भजन-कीर्तन और आरती के साथ वातावरण पूरी तरह भक्ति मय बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के साथ अपनी आस्था प्रकट की। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को हिंदू नववर्ष और नवरात्रों की शुभकामनाएं दीं और इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। माता जमासनी मंदिर में इस तरह के धार्मिक आयोजनों से न केवल श्रद्धालुओं की आस्था मजबूत होती है, बल्कि क्षेत्र में सांस्कृतिक परंपराओं को भी बढ़ावा मिलता है।

यह आयोजन कुटलैहड़ क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और सशक्त बनाते हैं। मृदु शर्मा ने कहा कि ऐसे धार्मिक अवसर हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि माता रानी की कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त होता रहेगा। इस प्रकार हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रों के इस पावन अवसर पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम आस्था, भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें मृदु शर्मा की सहभागिता ने इसे और भी विशेष बना दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में गणमान्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया।