हिमाचल पर लागू होगा सबसे पहले, बाद में राजस्थान और …
राज्यसभा ने जल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केन्द्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के गठन से संबंधित जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) संशोधन विधेयक 2024 को मंगलवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह शुरुआत में हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा। अन्य राज्य इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर सकते हैं।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा के बाद कहा कि इसमें देश के विकास में प्रतिरोधों को दूर करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि विधेयक में कानून के उल्लंघन पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
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उन्होंने कहा कि जुर्माने की राशि एक विशेष कोष में रखी जाएगी और इसका इस्तेमाल जल संरक्षण के लिए ही किया जाएगा। इस राशि में से 75 प्रतिशत राशि राज्यों को दी जाएगी। इसके प्रावधानों को पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा।
जुर्माने की भी व्यवस्था…..
नए विधेयक में कई उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर इसके बदले जुर्माने की व्यवस्था की गई है। अधिनियम के अनुसार किसी भी उद्योग या उपचार संयंत्र की स्थापना के लिए राज्य प्रदूषण बोर्ड की पूर्व सहमति आवश्यक है, जिससे जल निकाय, सीवरेज या भूमि में सीवेज का निर्वहन होने की संभावना है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति के बिना उद्योग स्थापित करने और संचालित करने पर 6 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
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