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जातीय जनगणना पर राहुल गांधी की जीत, आदिवासी कांग्रेस ने की केंद्र सरकार से तुरंत जनगणना शुरू करने की मांग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 8 May 2025 • 1 Min Read

शिमला

राज्य आदिवासी कांग्रेस ने केंद्र सरकार के जातीय जनगणना के फैसले को राहुल गांधी की बड़ी जीत बताया – जनगणना प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग।

राज्य आदिवासी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शेर सिंह नेगी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग उठाई थी। लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार इस मांग को लगातार नजरअंदाज कर रही थी। नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर बेतुका बयान देते हुए कहा था कि महिला, युवा, गरीब और किसान ही चार जातियां हैं।

राहुल गांधी के अभियान का असर
नेगी ने कहा कि राहुल गांधी ने देशभर में जातीय जनगणना के लिए अभियान चलाया, जिससे भाजपा सरकार को जनगणना की घोषणा करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना जातीय जनगणना का एक सफल मॉडल है, जिसे केंद्र को भी अपनाना चाहिए।

जातीय जनगणना के सवाल – दलित, ओबीसी, आदिवासियों की हिस्सेदारी पर जोर
शेर सिंह नेगी ने कहा कि जातीय जनगणना के दौरान ऐसे सवाल पूछे जाने चाहिए, जिनसे देश की संस्थाओं और सत्ता संरचना में दलित, ओबीसी और आदिवासियों की वास्तविक भागीदारी सामने आ सके। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षा संस्थानों में आर्टिकल 15(5) के तहत आरक्षण लागू करने की भी मांग की।

गिग वर्कर की स्थिति पर चिंता
नेगी ने कहा कि गिग वर्कर की सूची में सबसे अधिक दलित, ओबीसी और आदिवासी समुदाय के लोग ही शामिल हैं। इससे साफ होता है कि बड़े पदों और प्रबंधन में इन समुदायों की भागीदारी नगण्य है।