HIMACHAL BUDGET : दूध के दाम बढ़े, अदरक को पहली बार MSP, सुक्खू सरकार का किसान फोकस बजट
HIMACHAL BUDGET : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए किसानों, पशुपालकों और मछुआरों पर खास फोकस रखा। आर्थिक चुनौतियों के बीच पेश किए गए इस बजट को राहत भरा बताया जा रहा है, जिसमें हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ प्रावधान किए गए हैं।
शिमला
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए किसानों, पशुपालकों और मछुआरों पर खास फोकस रखा। आर्थिक चुनौतियों के बीच पेश किए गए इस बजट को राहत भरा बताया जा रहा है, जिसमें हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ी घोषणा दूध के दाम बढ़ाने की की। इसके तहत गाय के दूध का क्रय मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 61 से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार अदरक की खरीद के लिए 30 रुपये प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गेहूं का MSP 60 से बढ़ाकर 80 रुपये, मक्की 40 से 50 रुपये, पांगी का जौ 60 से 80 रुपये और हल्दी 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो करने की घोषणा की गई है।
मछुआरों को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। जलाशयों की मछली के लिए 100 रुपये प्रति किलो MSP देने और मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। इसके तहत मछुआरों को अनुदान और नाव खरीद पर 70 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी।
कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए राज्य किसान आयोग के गठन की घोषणा की गई है। साथ ही पारंपरिक बीजों को बढ़ावा देने के लिए बीज गांव स्थापित किए जाएंगे। खेतों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री खेत बाड़बंदी योजना के तहत 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
पशुपालन क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। चरवाहों को डिजिटल कार्ड और जीवन बीमा सुविधा दी जाएगी, जबकि भेड़पालन को बढ़ावा देने के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना शुरू की जाएगी।
इसके अलावा 100 नई ट्राउट इकाइयां स्थापित करने और हमीरपुर में 25 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाने की घोषणा भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने अधूरे पड़े 300 कार्यों को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वर्ष 2026-27 के लिए बजट का आकार 54,928 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से कम है।
बजट भाषण के दौरान सदन में सियासी गर्माहट भी देखने को मिली। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंचकर हंगामा किया, जिसके चलते मुख्यमंत्री को कुछ समय के लिए अपना भाषण रोकना पड़ा।
विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक दबाव और केंद्र से मिलने वाली सहायता में कमी के बावजूद सरकार अपनी गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।
फिलहाल बजट सत्र जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक सरकार कुछ और अहम घोषणाएं भी कर सकती है।