HNN/ कुल्लू
जिले में सेब के बगीचों में वूली एफिड नामक बीमारी बागवानों के लिए चिंता बनी हुई है। सेब के पेड़ों पर लगने वाली इस बीमारी से टहनियों में रुई की तरह फफूंद जमा होने लगती है, जो धीरे-धीरे पेड़ को सुखा देती है। बागवान रविंदर चौहान, प्रवेश सिंह, दिनेश शर्मा, मोहन लाल का कहना है कि सेब के बगीचों में वूली एफिड बीमारी का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस बीमारी से सेब बागवानों को बड़ा नुक्सान झेलना पड़ेगा। वूली एफिड में सेब के पत्तों व तने में सफेद रंग की रूई लग रही है। इसके बाद यह कीट पत्तों को चट कर रहे हैं। समय से पहले पत्ते गायब होने से पौधा कमजोर होगा। इसका असर सेब की गुणवत्ता और उसके रंग पर पड़ेगा।
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उधर, उद्यान विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि वूली एफिड से बचने के लिए बागवानों को सर्दियों में पौधों की जड़ों में ट्रेचिग कर इसका समाधान करना चाहिए। गर्मियों में यह बीमारी जड़ों से ऊपर की ओर जाती है। सेब की काटछांट के दौरान वूली एफिड से क्षतिग्रस्त टहनियों को हटाना चाहिए।
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