भारत समेत कई देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण जी-20 सम्मेलन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। इस मेगा इवेंट के होने में चंद दिन ही बाकी हैं। दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन होने वाला है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के इंतेजाम तो बहुत कड़े किए ही जा रहे हैं।
साथ-साथ जी-20 सम्मेलन एरिया के आसपास मेहमानों के रुकने की जहां व्यवस्था की गई है, उन होटल्स में भी बहुत जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं। हाई सिक्योरिटी होटल्स में उनके रहने के टॉप क्लास इंतेजाम के साथ-साथ काफी समय से उनके फूड मेन्यू पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।
बता दें दिल्ली के दिल में बसा यह होटल द ललित मेहमानों की मेहमान नवाजी के लिए बेताब है। होटल में विदेशी मेहमानों के स्वागत की खास तैयारियां की गई हैं। इस होटल में जापान और कनाडा का डेलिगेशन रुकने वाला है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए होटल ने अपने स्टाफ से खास तौर पर अलग-अलग वर्ग के लोगों को चुना है।
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मेहमानों की थाली में परोसे जाएंगे खास पकवान
खाने को लेकर ताज पैलेस में भी बेहद खास इंतजाम किए गए हैं, यहां भी मिलेट्स यानी मोटे अनाज और स्ट्रीट फूड की थीम पर कई पकवान मेहमानों को परोसे जाने की तैयारी है। स्वागत व्यंजन के साथ, स्नैक्स और मेन कोर्स में भी मोटे अनाज के साथ कई खास पकवान मेहमानों का इंतजार कर रहें हैं।
बता दें जी-20 बैठक के लिए दिल्ली आने वाले दुनियाभर के नेताओं को स्ट्रीट फूड का स्वाद चखाया जाएगा। इसमें दिल्ली के मशहूर चांदनी चौक की चाट भी शामिल होगी और मिलेट से बनी डिश भी होंगी। शीर्ष होटल द्वारा एक विशेष व्यंजन डिजाइन किया गया है, जिसमें विभिन्न व्यंजनों में बाजरा शामिल है।विदेशी प्रतिनिधियों को 500 से ज्यादा व्यंजन परोसने की योजना है, जिसमें भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय व्यंजन भी शामिल हैं।
क्या है जी-20 सम्मेलन
जी20 समिट दुनिया के 20 देशों द्वारा मिलकर बनाया गया एक शक्तिशाली ग्रुप है। साल 1999 में इसकी स्थापना की गई। इसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देशों द्वारा मिलकर आपसी सहयोग के लिए बनाया गया था। इसमें भारत, चीन, अमेरिका, रूस, जर्मनी, जापान के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका सउदी अरब, तुर्किये, मेक्सिको, साउथ कोरिया, यूरोपीय संघ और अर्जेंटीना शामिल हैं।
दरसल, साल 1999 से पहले कुछ सालों से एशिया आर्थिक संकट से जूझ रहा था, जिसे देखते हुए जर्मनी में जी8 देशों की बैठक हुई और जी20 का गठन किया गया। इसमें सभी मजबूत अर्थव्यवस्था वाले 20 देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों को बुलाया गया। संगठन का मकसद वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर आपसी चर्चा कर हल निकालना था। साल 2008 की वैश्विक मंदी के बाद यह निर्णय लिया गया कि इस बैठक में सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी हिस्सा लेंगे।
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